पटना पुलिस खोज रही थी शराब, पशु के खटाल में मिलने लगीं राइफल; 4 तस्कर गिरफ्तार
शराब माफिया लोगों को डराने-धमकाने और आपराधिक घटना को अंजाम देने की नीयत से खटाल में बोरे में छिपाकर दो राइफल रखी गई थीं। पुलिस ने हथियारों को जब्त कर लिया है।

बिहार की राजधानी पटना में शराब और हथियार के धंधे के कॉकटेल का खुलासा हुआ है। पटना के दीघा थाना पुलिस ने शराब बिक्री की सूचना पर लक्ष्मीनिया गली स्थित एक खटाल में छापेमारी करने गई पुलिस अचानक चौंक पड़ी। वहां शराब के साथ ही दो अवैध राइफलें भी पुलिस के हाथ लगीं। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने शराब के चार धंधेबाजों को भी गिरफ्तार किया। बदमाशों में अंकुश उर्फ रौशन, गुड्डू, श्रवण और मनोज कुमार हैं। सभी मूल रूप से नटका दियारा के रहने वाले हैं और वर्तमान में दीघा थाना क्षेत्र के लक्ष्मीनिया गली में रहते थे।
इस मामले में दीघा थानाध्यक्ष संजीव कुमार ने बताया कि पकड़े गये सभी लोग खटाल की आड़ में शराब का धंधा चला रहे थे। गुप्त सूचना पर कार्रवाई की गई है। इस धंधे का मुख्य सरगना अंकुश उर्फ रौशन है। शराब धंधा में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए लोगों को डराने-धमकाने और आपराधिक घटना को अंजाम देने की नीयत से खटाल में बोरे में छिपाकर दो राइफल रखी गई थीं। पुलिस ने हथियारों को जब्त कर लिया है।
थानेदार संजीव कुमार ने बताया कि इलाके में शराब की अवैध तरीके से बिक्री की गुप्त सूचना पुलिस को मिली। इसके आधार पर टीम बनाकर पुलिस कार्रवाई की। छापे के दौरान 19 बोतल अंग्रेजी शराब और एक लीटर देसी शराब के साथ दो राइफलें बरामद की गईं। बरामद शराब और हथियारों को जब्त कर लिया गया है। सभी गिरफ्तार तस्करों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। इन लोगों को नेटवर्क खंगाला जा रहा है।
खटाल में हथियार मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। आसपास के लोगों को इस बात का तनिक भी अंदाजा नहीं था कि इलाके में शराब और हथियार का खेल चल रहा है। लोगों का यह भी आरोप है कि शराब के धंधेबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती है। नियमित तौर पर कार्रवाई होती तो शराब के धंधे पर रोक लगाई जा सकती है।
बिहार में शराबबंदी कानून साल 2016 से लागू है। राज्य की सीमा में शराब का उत्पादन, भंडारण, लाना- ले जाना, बेचना या पीना सब प्रतिबंधित है। लेकिन, सरकार के तस्कर जोर जबरदस्ती और हथियार के बल पर धंधा करते हैं। राज्य में लाखों लीटर शराब जब्त किए जा चुके हैं। लाखों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है। बड़ी संख्या में लोग जेल गए और हजारों गाड़ियों को जब्ती के बाद नीलाम कर दिया गया।




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