ट्रेन को खड़ी कर चला गया लोको पायलट, तीन घंटे तक इंतजार करते रहे यात्री
किशनगंज जिले के ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर मालदा से सिलीगुड़ी जा रही पैसेंजर ट्रेन को लोको पायलट खड़ी कर चला गया। इसके बाद यात्रियों को करीब 3 घंटे तक वहीं पर परेशान होना पड़ा।

बिहार के किशनगंज जिले से अजीब वाकया सामने आया है। एक लोको पायलट ट्रेन को खड़ी कर चला गया। यात्री करीब 3 घंटे तक ट्रेन के चलने का इंतजार करते रहे। पश्चिम बंगाल के मालदा से सिलीगुड़ी जाने वाली डीएमयू ट्रेन संख्या 75719 में बुधवार को ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर पहुंची। ट्रेन के लोको पायलट ने यहीं पर गाड़ी खड़ी कर दी और कहा कि उसकी 9 घंटे की ड्यूटी पूरी हो गई है, यह कहते हुए वह चला गया। इसके चलते मालदा-सिलीगुड़ी डीएमयू ट्रेन तीन घंटे तक ठाकुरगंज में ही खड़ी रही। होली के मौके पर ट्रेन के लंबे समय तक खड़े रहने से अपने गंतव्य की ओर जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मालदा-सिलीगुड़ी डीएमयू का ठाकुरगंज स्टेशन पर निर्धारित आगमन का समय सुबह में 11:55 बजे है। यह ट्रेन मालदा से सुबह 6:35 बजे प्रस्थान करती है। बुधवार को यह ट्रेन करीब तीन घंटे की देरी से ठाकुरगंज पहुंची। इसी दौरान ट्रेन के लोको पायलट की निर्धारित 9 घंटे की ड्यूटी पूरी हो चुकी थी। ड्यूटी समय समाप्त होने के बाद चालक ने आगे ट्रेन चलाने से इनकार कर दिया।
निर्धारित समय से ज्यादा ड्यूटी करना जोखिम
लोको पायलट ने स्टेशन मास्टर को मेमो सौंपते हुए ट्रेन को मेन लाइन पर खड़ा कर दिया और कहा कि ट्रेन लगातार लेट होने के कारण निर्धारित ड्यूटी समय से अधिक काम करना पड़ता है, जो नियमों के विरुद्ध है। रेलवे के नियमों के अनुसार सुरक्षा कारणों से लोको पायलट की ड्यूटी का समय निर्धारित होता है और थकान की स्थिति में ट्रेन संचालन जोखिम भरा हो सकता है।
दूसरा लोको पायलट बुलाया, 3 घंटे बाद ठाकुरगंज से रवाना हुई ट्रेन
इस दौरान दोपहर करीब 2:52 बजे से प्लेटफॉर्म संख्या एक भी बाधित रहा, जिससे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों को उद्घोषणा के माध्यम से बालुरघाट-सिलीगुड़ी इंटरसिटी एक्सप्रेस से आगे की यात्रा करने की सलाह दी गई। काफी देर बाद वैकल्पिक लोको पायलट की व्यवस्था किए जाने के बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया।
क्या बोले रेलवे अफसर
रेलवे अधिकारियों के अनुसार लगातार देरी से चल रही ट्रेनों और वैकल्पिक चालक की उपलब्धता में देरी के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई। इस संबंध में ठाकुरगंज स्टेशन मास्टर मनीष कुमार ने बताया कि ड्राइवर की कार्य अवधि समाप्त होने के कारण परेशानी हुई फिर दूसरा ड्राइवर सिलीगुड़ी से आने में विलंब हुआ हालांकि सभी यात्रियों को बालूरघाट ट्रेन से सिलीगुड़ी भेज दिया गया था।




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