ईरान युद्ध से बिहार के पेट्रोल पंप पर भीड़, टंकी फुल करा लोग ड्रम में भरकर ले जा रहे तेल
ईरान समेत मध्य-पूर्व में छिड़े युद्ध से भारत में पेट्रोल-डीजल का स्टॉक खत्म होने और तेल के दाम में बढ़ोतरी होने की अफवाह फैल गई है। गुरुवार को बिहार में कई जगहों पर पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी।

Petrol Diesel Crisis: ईरान और मध्य-पूर्व में छिड़े युद्ध की वजह से पेट्रोलियम उत्पादों पर संकट की आशंका के बीच बिहार के पेट्रोल पंपों पर भीड़ उमड़ने लगी है। पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी की अफवाह से लोग गाड़ियों की टंकी फुल कराने के साथ ही ड्रम और डिब्बों में तेल भरकर ले जा रहे हैं। पूर्णिया शहर से लेकर जिले के विभिन्न हिस्सों में पेट्रोल पंप पर गुरुवार को वाहनों की लंबी कतार लग गई। बेगूसराय में भी लोग तेल का स्टॉक करने में जुट गए हैं।
पूर्णिया के विभिन्न पेट्रोल पंप पर तेल लेने के लिए गुरुवार को जद्दोजहद देखी गई। तेल लेने आए वाहन चालकों की पंप कर्मियों के साथ गरमागरमी भी हुई। पूर्णिया पूर्व प्रखंड सहित जिले के विभिन्न क्षेत्र के कई पेट्रोल पंपों पर अचानक भारी भीड़ लग गई। कई जगहों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ पेट्रोल पंपों पर दोपहर तक तेल खत्म हो गया।
बुधवार की रात सोशल मीडिया के जरिए यह अफवाह फैल गई कि खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण तेल की सप्लाई बंद हो सकती है। इस खबर के फैलते ही लोगों में घबराहट फैल गई और गुरुवार सुबह से ही लोग पेट्रोल-डीजल लेने के लिए पंपों पर पहुंचने लगे। पूर्णिया पूर्व प्रखंड क्षेत्र के महेंद्रपुर, अंदेली, परमानंदपुर, मंझेली, दीवानगंज सहित आसपास के कई पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई जगहों पर लोगों ने अपने वाहनों की टंकी फुल कराने के साथ-साथ ड्रम और डिब्बों में भी तेल भरकर ले गए।
बुलानी पड़ी पुलिस
रौटा और अमौर सहित बैसा क्षेत्र के अधिकतर पेट्रोल पंप पर सुबह से मारामारी देखने को मिली। पेट्रोल डीजल लेने पहुंचे अधिकांश लोगों में किसान और वाहन मालिक थे। वाहन मालिकों के अनुसार जंग का असर फ्यूल की कीमतों पर भी पड़ सकता है। इसलिए वह पहले से स्टॉक कर रहे हैं। । पेट्रोल खत्म होने की अफवाह की वजह से पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कुछ जगहों पर स्थिति को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को भी बुलाना पड़ा।
बेगूसराय में भी तेल खरीदने की मची होड़
पूर्णिया के अलावा, बेगूसराय में भी लोगों ने द्वारा पेट्रोलियम पदार्थ का स्टॉक करना शुरू कर दिया है। गुरुवार दोपहर बाद से पेट्रोल पंप पर बिक्री में अचानक तेजी देखने को मिली। डीजल की अत्यधिक खपत करने वाले लोग इसका स्टॉक करने में जुट गए। बरौनी के एक पंप संचालक ने बताया कि अमूनन होली के आसपास पंप का सेल काफी गिर जाता था। लेकिन इस बार होली के दिनों में बिक्री ठीक-ठाक रही।
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की खबर महज अफवाह
अधिकारियों का कहना है कि युद्ध का फिलहाल पेट्रोल की उपलब्धता पर कोई सीधा असर नहीं पड़ा है। पूरे में फ्यूल की सप्लाई काफी है और आमजन से अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है। केंद्र सरकार के सूत्रों के हवाले से भी गुरुवार को जानकारी मिली है कि फिलहाल भारत में पेट्रोल और डीजल के स्टॉक में कटौती का कोई प्लान नहीं है। तेल कंपनियों के पास अभी काफी स्टॉक है। ऐसे में पेट्रोल-डीजल का स्टॉक खत्म होने की बात महज अफवाह है।
एक पंप के प्रोपराइटर ने बताया कि बड़े ठेकेदार हजारों लीटर डीजल की मांग करने लगे हैं। मांग के कारण उन्हें गुरुवार को दो टैंकर डीजल मंगाना पड़ा है। आईओसीएल, एचपीसीएल, बीपीसीएल डिपों के मार्केटिंग टर्मिनल के अधिकारियों ने बताया कि ईरान युद्ध के लंबे खिचा जाने की स्थिति में पेट्रोलियम पदार्थों समेत एलपीजी की कीमतें बढ़ सकती है। सप्लाई चेन भी प्रभावित हो सकती है।
हालांकि कई पंप संचालक ने बताया कि फिलहाल युद्ध का कुछ भी असर नहीं देखने को मिला है। आईओसीएल मार्केटिंग के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल सब कुछ नॉर्मल है। आगे क्या होगा, इस पर फिलहाल कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।
(पूर्णिया और बेगूसराय से हिन्दुस्तान संवाददाताओं की रिपोर्ट)




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