पूर्णिया से भागलपुर के लिए जाने वाली सरकारी बस नवगछिया तक
-----पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। भागलपुर को सीमांचल से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण विक्रमशिला पुल टूट जाने के बाद क्षेत्र के लोगों की परेशानी बढ़ गयी

पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता।भागलपुर को सीमांचल से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण विक्रमशिला पुल टूट जाने के बाद क्षेत्र के लोगों की परेशानी बढ़ गयी है। विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त होने से न केवल आवागमन बाधित हुआ है, बल्कि इसका असर शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और सामाजिक जीवन पर भी व्यापक रूप से पड़ने लगा है। पूर्णिया सहित सीमांचल के कई जिलों के हजारों लोग रोजाना भागलपुर आते-जाते थे, जो अब काफी मुश्किल भरा हो गया है। पूर्णिया जिले के हजारों छात्र-छात्राएं भागलपुर में रहकर पढ़ाई करते हैं। पुल के टूट जाने के बाद इन छात्रों को कॉलेज और कोचिंग तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर परीक्षाओं के दौरान यह समस्या और गंभीर हो सकती है। परिवहन व्यवस्था भी पूरी तरह से प्रभावित हुई है। भागलपुर के लिए चलने वाली लगभग एक दर्जन सरकारी बसों का संचालन अब नवगछिया तक हो गया है। यात्रियों को वहीं उतरने के बाद दूसरी व्यवस्था से आगे जाना पड़ रहा है। इससे यात्रा में समय के साथ-साथ खर्च भी बढ़ गया है। बस संचालक एवं चालक का कहना है कि सिलीगुड़ी से रांची और देवघर जाने वाली लंबी दूरी की बस सेवाएं भी अब डायवर्ट हो गई हैं। ये बसें अब मुंगेर और बेगूसराय के रास्ते होकर चल रही हैं, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे यात्रा का समय कई घंटे बढ़ गया है और यात्रियों को असुविधा हो रही है। मुंगेर होकर जाने पर लोगों को करीब 60 किलोमीटर अधिक यात्रा तय करनी पड़ रही है।
यात्री पुल टूटने से दिकक्त
-यात्रियों ने बताया कि रोजाना आने-जाने वाले लोगों के लिए यह स्थिति काफी कठिन हो गई है। छोटू कुमार, अग्निदेव मिश्रा, जगदीश मिश्रा, राहुल कुमार,सौरभ कुमार, ललन कुमार, पूजा कुमारी, नूतन देवी, छोटी कुमारी और रुचि कुमारी सहित कई यात्रियों ने कहा कि पुल टूटने के कारण उन्हें अब परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को अधिक दिक्कत हो रही है।
सामाजिक जीवन पर प्रभाव, समारोह में भाग लेने में अधिक दूरी
-सामाजिक जीवन भी इससे अछूता नहीं है। शादी-विवाह जैसे कार्यक्रमों में बारात की आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है। इस दौरान बारात को लंबा चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं। इसके अलावा पारिवारिक और सामाजिक कार्यक्रमों में लोगों की भागीदारी भी कम हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
व्यापार से लेकर स्वास्थ्य सेवा पर भी प्रभाव
-पुल टूटने का असर व्यापार पर भी साफ देखा जा रहा है। सीमांचल से भागलपुर के बीच होने वाला दैनिक व्यापार प्रभावित हो गया है। फल, सब्जी, अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हो रही है, जिससे कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं पर भी इसका प्रभाव पड़ा है।
गंगा पर पुल होता तैयार तो झारखंड के लिए वाया कटिहार होता वैकल्पिक रूट
-पूर्णिया से मनिहारी होते हुए नरेनपुर तक फोर लेन रोड लगभग तैयार है। गंगा नदी पर पुल बन जाता तो बिहार से भागलपुर होकर झारखंड जाने वाले विकल्प के तौर पर इस रुट का प्रयोग कर सकते थे। मगर अभी तक पुल निर्माण का कार्य पूरा नहीं हुआ है। आठ वर्षों से यह योजना चल रही है। इस दिशा में सरकार को ध्यान देनी की जरूरत है।
बोले अधिकारी
-बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के रीजनल मैनेजर प्रतीक कुमार झा ने बताया कि फिलहाल पूर्णिया से भागलपुर जाने वाली बसों को नवगछिया तक ही चलाया जा रहा है।
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