विक्रमशिला सेतु का ढहना सरकार के भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता का प्रमाण
-बार-बार दी गई चेतावनियों के बावजूद पुल की मरम्मत या सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। बिहार प्रदे

पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। बिहार प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता जयवर्धन सिंह ने बयान जारी करते हुए कहा कि भागलपुर की जीवन रेखा माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होना इसे केवल एक हादसा नहीं, बल्कि बिहार सरकार के संबंधित विभागों की घोर लापरवाही, भ्रष्टाचार और आपराधिक निष्क्रियता का परिणाम है।
सेतु की स्थिति
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि पिछले कई महीनों से विशेषज्ञ, स्थानीय नागरिक और मीडिया लगातार पुल की जर्जर स्थिति और उसमें आ रही दरारों की चेतावनी दे रहे थे, लेकिन नींद में सोई सरकार और विभाग ने इन चेतावनियों को गंभीरता से लेने के बजाय केवल कागजी खानापूर्ति की, जिसका भयावह परिणाम आज जनता के सामने है।
आवागमन पर प्रभाव
विक्रमशिला सेतु उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाला एक प्रमुख स्तंभ है। इसके टूटने से न केवल लाखों लोगों का आवागमन बाधित हुआ है, बल्कि व्यापारिक दृष्टिकोण से भी अंग क्षेत्र को भारी नुकसान पहुँचा है। इस विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए संबंधित मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
जांच की मांग
पूरे मामले की न्यायिक जाँच या किसी स्वतंत्र एजेंसी से उच्च स्तरीय जाँच हो। साथ ही उन अधिकारियों पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए जिन्होंने बार-बार दी गई चेतावनियों के बावजूद पुल की मरम्मत या सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए।
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