विक्रमशिला सेतु पर 3 महीने तक आवाजाही बंद,सीएम सम्राट चौधरी ऐक्शन में; इंजीनियर सस्पेंड
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आर्मी प्रमुख से बात कर मदद मांगी है। साथ ही दिल्ली से पटना लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक कर पूरे मामले की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिये।

Bihar News: बिहार के भागलपुर के विक्रमशिला सेतु का एक स्पैन रविवार की देर रात क्षतिग्रस्त होकर गंगा नदी में गिर गया। इससे पुल पर आवाजाही बंद हो गई है। इसके क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कर तीन महीने में इसे फिर से चालू कर दिया जाएगा। राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह ने सोमवार को सूचना भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुल का कोई भी पिलर क्षतिग्रस्त नहीं हुआ है।
उन्होंने बताया कि इस घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आर्मी प्रमुख से बात कर मदद मांगी है। साथ ही दिल्ली से पटना लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक कर पूरे मामले की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिये। चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि स्पैन को तैयार करने के लिए बीआरओ (बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन) की भी मदद ली जा रही है। पुल के रखरखाव की जिम्मेदारी भागलपुर में मौजूद पथ निर्माण विभाग (आरसीडी) के एनएच डिविजन के पास है। इसी कारण यहां के कार्यपालक अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि पुल का निरीक्षण कर इसकी मौजूदा स्थिति और क्षतिग्रस्त होने के कारणों की सही जानकारी प्राप्त करने के लिए पटना आईआईटी और पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों की टीम को घटनास्थल पर भेजा गया है। ताकि ट्रैफिक का सुगम संचालन होता रहे। विक्रमशिला सेतु के समानांतर चार लेन का नया पुल भी इस वर्ष के अंत तक तैयार कर लिया जाएगा। प्रेस वार्ता में पथ निर्माण विभाग की विशेष सचिव शैलजा शर्मा और आईपीआरडी निदेशक अनिल कुमार समेत अन्य मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि एक महीना पहले पटना से एक टीम गई थी। आईआईटी पटना से भी परामर्श लिया गया था, जिसमें पाया गया था कि पुल का पिलर पूरी तरह से ठीक है। एक फॉल्स वाल क्षतिग्रस्त थी। पुल पुराना भी हो गया था, इसके आधार पर उसकी मरम्मत का डीपीआर तैयार कर हमलोगों ने भेजा था, जो स्वीकृति की प्रक्रिया में है। इस बीच हल्की मरम्मत के लिए कार्यपालक अभियंता को जिम्मेदारी दी गई थी। बाकी कोई बड़ी गड़बड़ी टीम द्वारा नहीं पाई गई थी।
पुलिस की मुस्तैदी से नहीं हुई जान-माल की क्षति
अध्यक्ष ने बताया कि रात 12.35 बजे संज्ञान में आया कि पुल का स्पैन धंस रहा है। सबसे पहले भागलपुर की ट्रैफिक पुलिस वहां पहुंची और आवागमन को पूरी तरह से रोक दिया गया। पुल को धीरे-धीरे पूरी तरह खाली कर दिया गया। इसके कुछ ही देर बाद स्पैन पूरी तरह से ध्वस्त हो गया और नदी में गिर गया। उन्होंने कहा कि भागलपुर जिला प्रशासन और पुलिस की मुस्तैदी के कारण वहां किसी तरह के जानमाल की क्षति नहीं हुई। नहीं तो बड़ी संख्या में जान-माल की क्षति हो सकती थी, क्योंकि वहां वाहनों को भारी दबाव रहता है।
ये हैं वैकल्पिक मार्ग
पश्चिम की तरफ से आने वाले सभी वाहनों को मुंगेर होते हुए श्रीकृष्ण सेतु से गुजरने का रास्ता दिया गया है।
पूरब की तरफ से आने वाले वाहनों को खगड़िया से होकर गुजरने का मार्ग प्रदान किया गया है।
यहां गंगा नदी को पार करने के लिए स्टीमर की भी व्यवस्था की गई है, ताकि छोटे वाहनों को इसकी मदद से पार कराया जा सके।
वर्ष 2001 में बना था विक्रमशिला सेतु
इसे उत्तर प्रदेश पुल निगम ने बनाया था




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