पूर्णिया एयरपोर्ट पर रात-दिन चल रहा काम, फ्लाइट शुरू होने की उलटी गिनती शुरू
पूर्णिया एयरपोर्ट से अगस्त 2025 में फ्लाइट सेवा शुरू करने का लक्ष्य है। टर्मिनल बिल्डिंग समेत अन्य निर्माण कार्यों का काम तेजी से चल रहा है। रात-दिन एक करके काम को जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है।

बिहार के पूर्णिया में हवाई सेवा शुरू होने की उलटी गिनती शुरू हो गई है। पूर्णिय एयरपोर्ट पर टर्मिनल बिल्डिंग से लेकर एप्रोच रोड तक निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। प्रशासन इस काम को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए रात-दिन एक किए हुआ है। अगले महीने यानी अगस्त 2025 में पूर्णिया हवाई अड्डा से विमान सेवा शुरू करने का लक्ष्य है। संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। बीते 3 जुलाई को बिहार के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के चेयरमैन विपिन कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद एयरपोर्ट पर निर्माण कार्य में और तेजी आई है।
हाल ही में प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार की अध्यक्षता में भी बैठक कर एयरपोर्ट निर्माण कार्य को समय पर पूर्ण करने का निर्देश सभी को दिया गया। प्रधानमंत्री के संभावित दौरे को देखते हुए एयरपोर्ट पर दिन-रात निर्माण कार्य पूरा किया जा रहा है। अगले सप्ताह तक टर्मिनल बिल्डिंग समेत बाकी कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यहां 4000 स्क्वायर मीटर में अंतरिम टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है।
पूर्णिया एयरपोर्ट पर निर्माणाधीन टर्मिनल भवन सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। इसके निर्माण पर 46 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके अलावा एप्रन का कार्य भी चल रहा है। किसी हवाई अड्डे में एप्रन (जिसे रैम्प भी कहते हैं) वह पक्का क्षेत्र होता है, जहां विमानों को पार्क किया जाता है। एप्रन टर्मिनल भवनों को हवाई क्षेत्र से जोड़ते हैं और इसमें विमान पार्किंग क्षेत्र (रैंप) और संचलन क्षेत्र शामिल होते हैं।
खराब मौसम में भी उड़ सकेंगे विमान
पूर्णिया हवाई अड्डा का रनवे 2800 मीटर लंबा है। खराब मौसम में उड़ानें बाधित न हों इसको लेकर यहां कैट-टू लाइट लगेगी। एयरपोर्ट के लिए कुल 67.18 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जा रही है। 52.18 एकड़ जमीन का अधिग्रहण पहले हो चुका है।
पूर्णिया से अगस्त से फ्लाइट सेवा, कोसी-सीमांचल को होगा लाभ
पूर्णिया एयरपोर्ट से अगस्त में उड़ान भरने की तैयारी पूरी कर ली गई है है। सीमांचल, कोसी समेत भागलपुर के 13 जिलों की कनेक्टिविटी को न सिर्फ पूर्णिया एयरपोर्ट मजबूत करेगा, बल्कि पिछड़े इलाके में शुमार सीमांचल की आर्थिक तरक्की का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार पूर्णिया एयरपोर्ट से हवाई सेवा को तय समय पर शुरू करने की कवायद में है।




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