31 देशों के 617 छात्र, बौद्ध विरासत पर प्रदर्शनी; राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बिहार दौरे पर क्या होगा खास
Droupadi Murmu Bihar Visit: इस दीक्षांत समारोह में 31 देशों के 617 विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया है। इस मौके पर विश्वमित्रालय सभागार का उद्घाटन होगा। राष्ट्रपति सुबह 11.20 से शाम 4:50 तक करीब साढ़े पांच घंटे नालंदा में रहेंगी।

Droupadi Murmu Bihar Visit: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मंगलवार को एक दिन के दौरे पर बिहार आएंगी। वह राजगीर में अंतरराष्ट्रीय नालंदा विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी और मेधावी विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान करेंगी। वह विश्व प्रसिद्ध प्राचीन नालंदा महाविहार के भग्नावशेष का दीदार भी करेंगी। दीक्षांत समारोह में 31 देशों के 617 विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया है। इस मौके पर विश्वमित्रालय सभागार का उद्घाटन होगा। राष्ट्रपति सुबह 11.20 से शाम 4:50 तक करीब साढ़े पांच घंटे नालंदा में रहेंगी। उनके आगमन को लेकर सुरक्षा की सख्त व्यवस्था की गयी है।
नालंदा के अलावा जहानाबाद, गया, पटना समेत आठ से अधिक जिलों के ढाई हजार से अधिक पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को लगाया गया है। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ले. जनरल (सेवानिवृत्त) सय्यद अता हसनैन, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे। इस खास मौके पर विश्वविद्यालय परिसर में बिहार संग्रहालय के सहयोग से बौद्ध विरासत पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी, जो अतिथियों को नालंदा की गौरवशाली ऐतिहासिक धरोहर से रूबरू कराएगी।
उनके आगमन के मद्देनजर कारकेड (काफिला) का सफल ट्रायल व अन्य कार्यक्रमों की रिहर्सल की गयी। इसमें सुरक्षा और समय प्रबंधन की बारीकी से जांच की गई। ट्रायल की शुरुआत विश्वविद्यालय परिसर स्थित हेलीपैड से हुई। यहां से कारकेड दीक्षांत समारोह स्थल विश्वमित्रालय सभागार पहुंचा। इसके बाद काफिला सीधे नालंदा खंडहर के लिए रवाना हुआ। ट्रायल के दौरान कारकेड में निर्धारित सभी वाहन शामिल रहे। कारकेड में एसडीओ सूर्य प्रकाश गुप्ता, डीएसपी सुनील कुमार सिंह सहित कई वरीय प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही, मेडिकल टीम, एम्बुलेंस और सुरक्षा से जुड़ीं सभी आवश्यक गाड़ियों को शामिल किया गया। नालंदा खंडहर से काफिला पुनः विश्वविद्यालय में बने हेलीपैड तक लौटा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति यहां से गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के लिए प्रस्थान करेंगी।
व्यापक स्तर पर चल रहीं तैयारियां :विश्वविद्यालय परिसर से लेकर राजगीर शहर तक तैयारियां जोरों पर हैं। नालंदा विश्वविद्यालय से प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय तक सड़क के दोनों किनारे बांस से बैरिकेडिंग की गयी है। वहीं, राजगीर को नो फ्लाई जोन घोषित किया गया है। शिक्षाविद, अधिकारी और कर्मी दिन-रात कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हैं। वहीं, जिला प्रशासन और पुलिस-प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड में है। हर स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रपति के साथ कार्यक्रम में राज्यपाल सैयद अता हसन तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अथवा उनके द्वारा नामित नेता भी शामिल रहेंगे।
संबंधित पूरे मार्ग पर बैरिकेडिंग, पुलिस बल की तैनाती और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार मॉक ड्रिल और निरीक्षण कर रही हैं। ताकि, किसी भी प्रकार का चूक न हो। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर राजगीर और आस-पास के क्षेत्रों में विशेष ट्रैफिक प्लान भी लागू किया गया है। कई मार्गों पर वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। जबकि, वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
विश्वविद्यालय परिसर में मंच, बैठने की व्यवस्था, अतिथि स्वागत, सुरक्षा घेरा और प्रोटोकॉल से जुड़ी सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। अधिकारियों के अनुसार कार्यक्रम को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है।कुल मिलाकर, राष्ट्रपति के इस महत्वपूर्ण दौरे को लेकर नालंदा विश्वविद्यालय, जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां जारी हैं।




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