खुशखबरी! बिहार में न्यूनतम मजदूरी बढ़ी, श्रमिकों को अब कितना पैसा मिलेगा
श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग अगले कुछ दिनों में इसकी अधिसूचना जारी करेगा। इस संबंध में विभाग के पदाधिकारी ने बताया कि एक अप्रैल के प्रभाव से ही न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की जाएगी।

Bihar News: बिहार में हर तरह के श्रमिकों के लिए तय न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है। अकुशल श्रमिकों की न्यूनम मजदूरी में आठ, कुशल के लिए दस और अति कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में 12 रुपये की बढ़ोतरी होगी। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग अगले कुछ दिनों में इसकी अधिसूचना जारी करेगा। इस संबंध में विभाग के पदाधिकारी ने बताया कि एक अप्रैल के प्रभाव से ही न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि साल में दो बार अक्टूबर और अप्रैल में श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में इजाफा किया जाता है। वर्तमान में अकुशल श्रमिक की न्यूनतम मजदूरी 428 है, जो बढ़कर 436 रुपये हो जाएगी। इसी प्रकार अभी अर्द्धकुशल श्रमिकों की 444, कुशल को 541 और अतिकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 660 रुपये है।
बिहार के उद्योगों को बैंकों से 1.24 लाख करोड़ लोन मिलेंगे
इधर बिहार के सूक्ष्म, मध्यम एवं लघु उद्योग (एमएसएमई) को 2026-27 में बैंकों से 1,24,147.60 करोड़ का लोन मिलेगा। कृषि क्षेत्र में राज्य के किसानों को 1,24,558.45 करोड़ लोन के रूप में मिलेंगे। राज्य में पंजीकृत उद्योगों की संख्या 35 लाख है। इन उद्योगों को औसतन 3,54,705 रुपये की पूंजी बैंकों से उपलब्ध हो सकेगी। कृषि विभाग के अनुसार, राज्य में पंजीकृत किसानों की संख्या 2,15,24,218 है। ऐसे में प्रति किसान औसतन 57,868 रुपये की पूंजी खेती किसानी के लिए बैंकों से मिलेगी। सोमवार को नाबार्ड ने बिहार में प्राथमिकता क्षेत्र के लिए 2,80,393 करोड़ की लोन क्षमता का आकलन पेपर जारी किया।
एक होटल में आयोजित राज्यस्तरीय संगोष्ठी में राज्य फोकस पेपर 2026-27 का विमोचन किया गया। संगोष्ठी का विषय “बिहार @2047: ग्रामीण बिहार को आगे बढ़ाने की परिकल्पना” था। संगोष्ठी में मुख्य अतिथि वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने कहा कि अगले पांच वर्षों में बिहार में औद्योगिक विकास का लक्ष्य है। इसके लिए बैंक कृषि आधारित उद्योगों में निवेश को बढ़ाएं। कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कम लागत एवं अधिक उत्पादन वाली उच्च उत्पादकता वाली फसलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने लोन प्रक्रियाओं के सरलीकरण और एमएसएमई क्षेत्र को समय पर लोन उपलब्ध कराने की जरूरत बताई। सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने राज्य के प्रत्येक गांव में दुग्ध सहकारी समितियों की स्थापना की योजना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की चर्चा की।




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