पीने का मन है क्या.., शराबबंदी पर पूछा सवाल तो क्या बोले सभापति अवधेश नारायण सिंह
जब सभापति से पूछा गया, 'खुलेआम शराब मिल रहा है? तब इसपर सभापति ने कहा कि कही खुलेआम शराब नहीं मिल रहा है। आप बताइए कहां शराब मिल रहा है। आप बताइए, तो पहले आप पर ही चार्ज होगा। खुलेआम शब्द का आपने इस्तेमाल किया तो यह तो ठीक नहीं है।

यूं तो बिहार में पूर्ण शराबबंदी बरसों से लागू है। लेकिन हाल ही में खत्म हुए बिहार विधानसभा के बजट सत्र में बिहार में शराबबंदी को लेकर जमकर हुआा था। विपक्षी पार्टी के सदस्यों ने जहां बिहार में लागू शराबबंदी पर सवाल उठाए तो वहीं एनडीए मे शामिल घटक दलों के भी कुछ नेताओं ने शराबबंदी की समीक्षा की मांग की थी। अब बिहार में शराबबंदी को लेकर एक बार फिर चर्चा होने लगी है। दरअसल बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने पत्रकारों द्वारा शराबबंदी को लेकर पूछे गए सवाल पर पत्रकार से पूछ दिया कि आपको पीना है क्या?
दरअसल आरा में एक निजी कार्यक्रम में मौजूद सभापति अवधेश नारायण सिंह से पत्रकारों ने शराबबंदी पर सवाल पूछ लिए? इसपर अवधेश नारायण सिंह ने कहा, ‘मैं आपसे पूछता हूं कि क्या शराबबंदी खराब चीज है? आपलोग तो मीडिया वाले हैं बताइए। हमलोगों का यह पहले का अनुभव है कि लोग शराब पीकर गिरते-पड़ते रहते हैं और जिससे मतलब नहीं है उससे भी झगड़ा कर लेते हैं। रोज-रोज ये सब होता था। तो कम से कम इससे तो राहत है ना, अब वो सब नहीं होता है। अब जिसके पीकर मरने का मन है तो वो तो जहर खाकर भी मर जाएगा। शराब भी तो जहर ही है ना। इसलिए शराबबंदी एकदम सही है।’
इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि विधानसभा में कई सदस्यों ने शराबबंदी की समीक्षा किए जाने की मांग उठाई है? तब इसपर सभापति ने कहा कि समीक्षा का मतलब यह नहीं होताा है कि इसको बंद कर दिया जाए। इसको किस तरह से ठीक से लागू किया जाए यह देखा जाना चाहिए। सभापति ने गुजरात में लागू शराबबंदी का उदाहरण भी दिया और कहा कि शराबबंदी का कही विरोध नहीं है।
इसके बाद जब सभापति से पूछा गया, 'खुलेआम शराब मिल रहा है? तब इसपर सभापति ने कहा कि कही खुलेआम शराब नहीं मिल रहा है। आप बताइए कहां शराब मिल रहा है। आप बताइए, तो पहले आप पर ही चार्ज होगा। खुलेआम शब्द का आपने इस्तेमाल किया तो यह तो ठीक नहीं है। इसके बाद पत्रकारों ने कहा कि होम डिलीवरी भी हो रही है? तब इसपर सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि होम डिलीवरी करता होगा जो आप लोग कराते होंगे, जो पीते होंगे। कहां शराब की बिक्री हो रही है आप बताइए मैं शाम तक उसको पकड़वा दूंगा। खुलेआम कही नहीं हो रहा है। चोरी-छिपे हो रहा होगा। खुलेआम होगा तो राजपाठ सब बेकार हो जाएगा। पीने का मन है क्या आपको आपको…?




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