पटना की सिटी एसपी दीक्षा ने बिहार को किया बाय-बाय, पति के लिए बदल दिया IPS कैडर
पटना की सेंट्रल सिटी एसपी दीक्षा ने पति के लिए अपना आईपीएस कैडर बदल दिया है। अब वह बिहार छोड़कर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा रही हैं। उनके पति भी आईपीएस अफसर हैं, जो एजीएमयूटी कैडर में तैनात हैं।

पटना की सिटी एसपी (सेंट्रल) दीक्षा बिहार छोड़कर जाने वाली हैं। उनका आईपीएस कैडर बदल गया है। अब वह एजीएमयूटी कैडर (अरुणाचल, गोवा, मिजोरम एवं केंद्र शासित प्रदेश) कैडर में अपनी सेवाएं देंगी। बताया जा रहा है कि पति के लिए दीक्षा यादव ने अपना आईपीएस कैडर बदला है। उन्होंने खुद ही बिहार से एजीएमयूटी कैडर में शिफ्ट करने के लिए आवेदन दिया था। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने उनके अनुरोध पर कैडर बदलने की मंजूरी दे दी है। इस संबंध में बिहार के गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ने गुरुवार को अधिसूचना भी जारी कर दी।
दीक्षा यादव 2021 बैच की भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं। उनकी शादी द्वारका गढ़ी से हुई है, जो 2022 बैच के एजीएमयूटी कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। वह मूलरूप से जम्मू के रहने वाले हैं। शादी के बाद अपने पति के करीब रहने के लिए दीक्षा ने अपना कैडर बदलने की अर्जी दी थी। केंद्र के आदेश के बाद बिहार सरकार ने आईपीएस दीक्षा की सेवाएं एजीएमयूटी को सौंपने की अधिसूचना जारी कर दी।
सीतामढ़ी में पहली पोस्टिंग
दीक्षा की बिहार में पहली पोस्टिंग सीतामढ़ी में एसएचओ के रूप में हुई थी। इसके बाद उनका ट्रांसफर पटना हो गया। यहां वह एएसपी रहीं, फिर उन्हें सेंट्रल सिटी एसपी बना दिया गया। पटना जिले में पोस्टिंग के दौरान उनके काम चर्चा में रहे। पटना के कई चर्चित हत्याकांड और वारदातों का उन्होंने बखूबी रूप से खुलासा किया। पिछले साल हाईप्रोफाइल गोपाल खेमका मर्डर केस की जांच भी उनके नेतृत्व में हुई थी।
लालू के साले के घर बुलडोजर लेकर पहुंच गई थीं दीक्षा
पटना वेस्ट की एएसपी रहते हुए वह पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के साले सुभाष यादव के घर बुलडोजर लेकर पहुंचने पर भी चर्चा में आई थीं। जनवरी 2024 में जमीन के अवैध कब्जा के एक मामले में सुभाष यादव के खिलाफ कोर्ट से कुर्की का वारंट निकला था। आईपीएस दीक्षा सुबह-सुबह ही पूरे दल-बल के साथ सुभाष यादव के घर बुलडोजर लेकर पहुंच गई थीं। इसके बाद लालू के साले भागते-भागते कोर्ट पहुंचे और सरेंडर किया था। इसके बाद दीक्षा यादव को लेडी सिंघम भी कहा जाने लगा था।
तीसरे प्रयास में आईपीएस बनीं दीक्षा
रिपोर्ट्स के अनुसार, दीक्षा के पिता हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड में एजीएम हैं, जबकि उनकी मां सरकारी शिक्षिका हैं। बचपन से ही वह होनहार रही हैं। दीक्षा आईआईटी दिल्ली से टेक्स्टाइल टेक्नोलॉजी में बीटेक कर चुकी हैं। इंजीनियरिंग करने के बाद उनकी रुचि सिविल सेवा की तरफ बढ़ी। दिल्ली में रहते हुए ही उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। उन्होंने दूसरे प्रयास में यूपीएससी क्रैक कर ली थी, लेकिन भारतीय रेलवे सेवा में चयन हुआ। दीक्षा ने फिर से सिविल सेवा की तैयारी की और तीसरे प्रयास में आईपीएस की पॉजिशन हासिल की।
(हिन्दुस्तान ब्यूरो के इनपुट के साथ)




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