मेरे घर आकर भूंजा खाते थे, 5 बार MP बन गए तब आप... संसद में गिरिराज से भिड़े पप्पू यादव
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव बुधवार को लोकसभा में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से भिड़ गए। उन्होंने गिरिराज से कहा कि मेरे घर आकर भूंजा खाते थे, हम पांच बार सांसद बन गए तब आप पैदा लिए।

संसद के बजट सत्र के दौरान बुधवार को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की जमकर बहस हो गई। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर जब पप्पू यादव बोलने लगे, तो गिरिराज ने उन्हें टोक दिया। इस पर पूर्णिया सांसद बिफर गए। उन्होंने सदन में गिरिराज से कह दिया- मेरे घर आकर भूंजा खाते थे, कुछ पता नहीं है, हम पांच बार एमपी (सांसद) बन गए, तब आप पैदा लिए।
पप्पू यादव ने बुधवार को लोकसभा में संबोधन के दौरान कहा कि 1990 से 2026 तक बीते 31 सालों से वह संसदीय जीवन में हैं। इस दौरान उन्हें कई स्पीकर के साथ संवाद करने का अवसर मिला। अविश्वास प्रस्ताव पर उन्होंने कहा कि यह किसी व्यक्ति के खिलाफ सहमति या अहसमति का सवाल नहीं है। देश के 145 करोड़ लोगों के संघर्ष की आवाज है, जो दुनिया का सबसे ऊंचे सदन में उठती है।
पप्पू यादव ने आगे कहा कि वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ काम कर चुके हैं, उनकी सरकार और मंत्रिमंडल का हिस्सा रहे। अटल और आडवाणी के एक-एक शब्द याद हैं। मुलायम सिंह और चंद्रशेखर भी हमें प्रोटेक्ट करते थे।
इस पर तुरंत सत्ता पक्ष में बैठे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरीय नेता गिरिराज सिंह ने टोक दिया। गिरिराज ने पप्पू यादव से पूछा कि वह अटलजी के मंत्रिमंडल में कहां थे। इस पर पर पप्पू यादव ने पलटकर जवाब दिया और कहा- हम मंत्रिमंडल में थे, आपको याद नहीं है? फेडरल डेमोक्रेटिक पार्टी मंत्रिमंडल में थी।
उन्होंने गिरिराज पर निशाना पर तंज कसते हुए कहा, “आप (राजनीति में) कब आए। मेरे घर पर आकर आप भूंजा खाते थे। चुप रहिए। मैं पांच बार एमपी हो गया, तब तो आप पैदा लिए हैं।”
दोनों नेताओं के बीच हुई इस बहसबाजी से सदन का माहौल गर्मा गया। फिर आसन पर बैठे जगदंबिका पाल ने स्थिति को संभालते हुए दोनों को शांत कराया। उन्होंने पप्पू यादव से अविश्वास प्रस्ताव पर अपनी बात रखने को कहा। फिर सांसद ने अपना आगे का संबोधन दिया।
अटल सरकार में कब थे पप्पू यादव?
पप्पू यादव ने गुरुवार को लाइव हिन्दुस्तान से बातचीत में स्पष्ट किया कि 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में पीसी थॉमस केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री बनाए गए थे। पीसी थॉमस ने इंडियन फेडरल डेमोक्रेटिक पार्टी बनाई थी, जिसका हिस्सा पप्पू यादव भी थे। हालांकि, वह खुद कभी मंत्री नहीं बने थे। बता दें कि पप्पू यादव 1999 में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद चुने गए थे। 2001 में वे पीसी थॉमस की फेडरल डेमोक्रेटिक पार्टी का हिस्सा बन गए थे। 2004 के लोकसभा चुनाव के बाद इस पार्टी का विघटन हो गया था।
भाजपा के फायरब्रांड नेता माने जाने वाले गिरिराज सिंह और पप्पू यादव के बीच अक्सर विभिन्न मुद्दों को लेकर जुबानी जंग होती रहती है। पूर्व में बाहुबली रह चुके 58 साल के पप्पू यादव 7 बार लोकसभा के सासंद रह चुके हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में पूर्णिया से कांग्रेस का टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने निर्दलीय मैदान में उतरकर जीत दर्ज की थी।
वहीं, 73 साल के गिरिराज सिंह अभी बेगूसराय से भाजपा के सांसद हैं। 2019 में उन्हें केंद्रीय कैबिनेट में शामिल किया गया था। 2024 में गिरिराज दोबारा मोदी कैबिनेट का हिस्सा बने थे। गिरिराज सिंह पहली बार 2014 में नवादा से भाजपा के सांसद बने थे। इससे पहले वह बिहार सरकार में मंत्री और एमएलसी रहे थे।




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