इलाज करने वाली धमकी से संवाद नहीं होगा; विजय सिन्हा पर भड़के सीओ और राजस्व अधिकारी
हड़ताल कर रहे सीओ और राजस्व अधिकारियों ने डिप्टी सीएम विजय सिन्हा से दो-टूक कहा है कि इलाज कर देने जैसी धमकियों से संवाद नहीं हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि बीते 25 दिनों में हड़ताल से अंचलों में राजस्व के 96 प्रतिशत काम ठप हुए हैं।
बिहार में बीते 25 दिनों से हड़ताल कर रहे सीओ और राजस्व अधिकारियों ने डिप्टी सीएम विजय सिन्हा का नाम लिए बिना उनके बयानों पर आपत्ति जताई है। हड़ताली अंचलाधिकारियों (सीओ) और राजस्व पदाधिकारियों ने कहा कि वे सरकार से टकराव नहीं चाहते हैं। लेकिन उन्हें बीमार बताया जाना और इलाज करने जैसी धमकी भरी शब्दावली का इस्तेमाल करना सही नहीं है। इस तरह की भाषा से संवाद नहीं हो सकता है। बता दें कि डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा लगातार हड़ताल पर गए सीओ एवं अधिकारियों को सेवा टूट और सैलरी कट की चेतावनी दे रहे हैं।
बिरसा यूनाइटेड के अध्यक्ष सह संयुक्त मोर्चा के प्रवक्ता आदित्य शिवम शंकर ने शनिवार को राज्य सरकार से दो-टूक बात कही। उन्होंने कहा, संघ का मानना है कि सामूहिक अवकाश समेत सभी समस्याओं का समाधान परस्पर सम्मान एवं संवाद से ही निकल सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ सरकार से टकराव नहीं चाहता है, लेकिन सरकार (डिप्टी सीएम) की ओर से जिस तरह की भाषा कही जा रही है, इससे संवाद नहीं हो सकता है।
हड़ताली संघ के अनुसार, अंचलाधिकारियों एवं राजस्व पदाधिकारियों के सामूहिक अवकाश से राज्य में राजस्व एवं जमीन से संबंधित काम लगभग ठप हो चुके हैं। हड़ताली संघ के अनुसार बीते 9 मार्च से 4 अप्रैल के बीच कुल 15 हजार 849 मामले आए। इसमें से मात्र 604 का ही निबटारा हो सका है। यानी लगभग चार फीसदी मामलों का ही निबटारा हो सका और अब भी 15 हजार 220 मामले लंबित हैं। जबकि पिछले साल 2025 में 9 मार्च से 4 अप्रैल के बीच 92 हजार 763 मामले आए थे, जिनमें से 81 हजार 313 का निबटारा हो गया था।
बता दें कि अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बिहार के कई सीओ एवं राजस्व पदाधिकारी 9 मार्च को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। इसके बाद डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कई बार हड़ताली अधिकारियों से काम पर वापस लौटने का आग्रह किया। उन्हें अलग-अलग बार चेतावनी एवं अल्टीमेटम भी दिए गए।
इस दौरान कई अधिकारी काम पर वापस लौट गए, मगर अभी तक हड़ताल पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। सरकार ने यह भी आरोप लगाया कि जो अंचलाधिकारी काम पर लौट गए हैं, उन्हें हड़ताली अफसर भड़का रहे हैं। विजय सिन्हा ने ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।
दूसरी ओर, सीओ एवं राजस्व पदाधिकारियों की हड़ताल से बिहार के विभिन्न अंचलों में राजस्व संबंधी काम प्रभावित हुए। जमीन निबंधन से लेकर अन्य कार्य अटक जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसका समाधान निकालने के लिए राज्य सरकार ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार दिया और रिटायर्ड राजस्व अधिकारियों को भी संविदा पर नौकरी देने का फैसला लिया है।
(हिन्दुस्तान ब्यूरो के इनपुट के साथ)




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