हड़ताल कर रहे 700 राजस्व अधिकारी और सीओ काम पर नहीं लौटेंगे, विजय सिन्हा की चेतावनी बेअसर
बिहार में 9 मार्च से हड़ताल कर रहे सीओ और राजस्व अधिकारियों ने सरकार से दो-टूक कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक वे काम पर नही लौटेंगे।
बिहार में 20 दिनों से हड़ताल कर रहे अंचलाधिकारी (सीओ) और राजस्व अधिकारियों ने सरकार को खुली चेतावनी दे दी है। इन्होंने साफ कहा कि वे अपनी मांगें पूरी नहीं होने तक काम पर नहीं लौटेंगे। राज्य के डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा की चेतावनी भी उनके सामने बेअसर नजर आ रही है। बिरसा यूनाइटेड के तत्वावधान में मंगलवार को बिहार राजस्व सेवा के 700 पदाधिकारियों का जुटान पटना में हुआ।
राजस्व अधिकारियों की हड़ताल को अन्य संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है। मुखिया संघ के अध्यक्ष मिथलेश राय, कर्मचारी संघ गोप गुट के अध्यक्ष चंद्रशेखर चौबे एवं महासचिव नारायण शर्मा, बिहार सहकारिता प्रसार पदाधिकारी संघ के महासचिव शशिभूषण कुमार, बिहार एससी-एसटी कल्याण संघ के अध्यक्ष दिवेश दिवाकर एवं बासा के उपाध्यक्ष राजकिशोर प्रसाद भी इस जुटान में शामिल हुए।
बता दें कि बिहार के अंचलाधिकारी एवं राजस्व पदाधिकारी बीते 9 मार्च से सामूहिक अवकाश (अनिश्चितकालीन हड़ताल) पर हैं। राजस्व विभाग के मुखिया डिप्टी सीएम विजय सिन्हा की ओर से लगातार हड़ताल पर गए अधिकारियों को काम पर लौटने की अपील की जा रही है। उप मुख्यमंत्री ने उन्हें सेवा टूट, निलंबन, वेतन कटौती की चेतावनी और कई बार अल्टीमेटम भी दिए।
सरकार के सख्त रवैये के बाद कई अधिकारी हड़ताल खत्म कर ड्यूटी पर लौट गए। मगर अब भी बड़ी संख्या में अधिकारी नहीं लौटे हैं, जिससे अंचलों में जमीनों के निबंधन, सर्वे जैसे कई काम प्रभावित हो रहे हैं।
विभाग ने इस स्थिति से निपटने के लिए मौजूदा अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार दिया है। इसके अलावा रिटायर्ट अंचलाधिकारियों एवं अन्य कर्मियों को भी फिर से अस्थायी तौर पर काम पर रखा जा रहा है। ताकि जनता को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
69 अधिकारियों को नोटिस
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के उपसचिव संजय कुमार सिंह ने पिछले दिनों 69वीं बीपीएससी बैच के 69 अधिकारियों को नोटिस भी भेजा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन अधिकारियों के सामूहिक अवकाश अवैध घोषित किया जा चुका है। इस अवधि को सेवा में नहीं गिना जाएगा। सभी से 13 अप्रैल तक स्पष्टीकरण मांगा गया है। उचित जवाब नहीं मिलने पर सेवा से बर्खास्त किया जा सकता है।
ट्रैप राजस्व कर्मी सीधे बर्खास्त होंगे
दूसरी ओर, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मियों को चेतावनी दे दी है। विभाग ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार होने पर राजस्व कर्मियों को अब बर्खास्त किया जाएगा। विभाग ने साफ कहा है कि ट्रैप केस में सेवा से बर्खास्तगी के अलावा कोई और दंड देना न्यायोचित नहीं होगा। वैसे फिर भी समाहर्ता अपने विवेक का इस्तेमाल करेंगे।
(हिन्दुस्तान ब्यूरो के इनपुट के साथ)




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