नादान नहीं, राजनीति में सयाने हैं नीतीश के निशांत; JDU ज्वाइन करते दिखाई सियासत की बारीकियां
Nishant Kumar News: पार्टी ऑफिस से निकलकर निशांत सीधे पिता का आशीर्वाद लेने सीएम आवास पहुंचे। पहले ही दिन उनकी कई तस्वीरें सामने आईं। निशांत कुमार ने महावीर मंदिर जाकर हनुमान जी की पूजा की तो हाई कोर्ट स्थित मजार पर भी पहुंचे और चादरपोशी कर सफल राजनैतिक पारी के लिए दुआ मांगा।

Nishant Kumar News: नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने रविवार को विधिवत जदयू की सदस्यता लेने के साथ सक्रिय राजनीति में कदम रख दिया है। पार्टी ऑफिस से निकलकर निशांत सीधे पिता का आशीर्वाद लेने सीएम आवास पहुंचे। पहले ही दिन उनकी कई तस्वीरें सामने आईं। निशांत कुमार ने महावीर मंदिर जाकर हनुमान जी की पूजा की तो हाई कोर्ट स्थित मजार पर भी पहुंचे और चादरपोशी कर सफल राजनैतिक पारी के लिए दुआ की। निशांत कुमार ने उन सभी नेताओं के पैर छू कर आशीर्वाद लिया जो नीतीश कुमार के सहयोगी हैं।
ऊपर की तस्वीरों को जरा गौर से देखिए। एक तस्वीर में निशांत के हाथ में भगवान की मूर्ति है जब वे पटना के विश्व प्रसिद्ध महावीर मंदिर में पहुंचे। वहां उन्होंने भगवान हनुमान जी की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा की और उनसे आशीर्वाद लिया। किशोर कुणाल के पुत्र शायण कुणाल ने पूजा में उनका सहयोग किया। निशांत कुमार ने हनुमान जी को प्रसाद चढ़ाया और चढ़ावा भी अर्पित किया।

दूसरी तस्वीर मजार की है जब हनुमान मंदिर से निकल कर निशांत कुमार पटना हाई कोर्ट मजार पर पहुंचे। इस्लाम के निमयों और मर्यादाओं क पालन करते हुए निशांत कुमार ने मजार पर दुआ मांगी। बाहर निकलने पर उन्होने मीडिया कर्मियों से बात की।निशांत ने कहा कि नीतीश कुमार सभी धर्मों को साथ लेकर चलते थे। पिता की राह पर चलते हुए वह भी सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। अपने बयान में उन्होंने एक सधे हुए राजनीतिक अनुभव का परिचय दिया।
दरअसल निशांत कुमार भले ही कभी लाइम लाइट में नहीं आए पर सीएम आवास में रहते हुए राजनीति और सरकार संचालन की बारीकियों को बखूबी समझा। इसका असर उनके व्यक्तित्व पर दिख रहा है। निशांत जब पार्टी ज्वाइन करने जदयू दफ्तर गए तो साधारण पायजामा कुर्ता और चप्पल पहनकर पहुंचे। कार्यालय से लौटकर सीधे पिता को पास पहुंचे और उनसे आशीर्वाद लिया। निशांत के साथ कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा भी मौजूद थे।
निशांत कुमार सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट हैं और पढ़ाई में भी उनका रिकॉर्ड अच्छा है। राजनीति में आने की चर्चा काफी दिनों से चल रही है लेकिन, जब भी उनसे इस पर सवाल किया गया उन्होंने कभी कोई हड़बड़ी जवाब देने में नहीं दिखाई। बयानबाजी के बजाए हमेशा सही वक्त का इंतजार किया। पिता की अच्छाईओं को सामने लाते रहे पर उनके विरोधियों को भी कभी जवाब नहीं दिया। आज जब मौका उनके हाथ में है तो निशांत ने अपनी सूझबूझ से सबका दिल जीत लिया। अपने पहले संबोधन में निशांत ने कहा कि उन्हें लोगों के दिलों में घर बनाना है।




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