नीतीश, नितिन, रामनाथ, उपेंद्र, शिवेश और एडी सिंह का राज्यसभा चुनाव में नामांकन, मतदान तय
नीतीश कुमार के साथ नितिन नवीन, शिवेश राम, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और राजद के अमरेंद्रधारी सिंह(निवर्तमान राज्यसभा सदस्य) ने भी नॉमिनेशन कर दिया है। इससे अब मतदान होना तय हो गया है।

Rajya Sabha Election 2026: बिहार सीएम ने राज्यसभा चुनाव नामांकन पर्चा दाखिल कर दिया है। इस मौके पर अमित शाह, नितिन नवीन, ललन सिंह समेत भाजपा और जदयू के कई नेता मौजूद रहे। उनके साथ साथ बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, बीजेपी के शिवेश राम, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, रालोमो चीफ उपेंद्र कुशवाहा और राजद के अमरेंद्रधारी सिंह(निवर्तमान राज्यसभा सदस्य) ने भी नॉमिनेशन कर दिया है। इस परिस्थिति में असदुद्दीन ओवैसी के पांच विधायकों और मायावती की बसपा के एक एमएलए की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है क्योंकि अब मतदान होना निश्चित हो गया है। 16 मार्च को वोटिंग की तारीख तय की गई है।
दरअसल राज्यसभा की 37 सीटें खाली हो रहीं है जिनके लिए चुनाव की प्रक्रिया जारी है। बिहार में 5 सांसदों का कार्यकाल 9 अप्रैल को पूरा हो रहा है। पांच सीटों के लिए एनडीए से पांच उम्मीदवार नीतीश कुमार, नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश राम ने नामांकन पर्चा दाखिल किया जबकि विपक्ष से राजद ने निवर्तमान राज्यसभा सांसद अमरेंद्रधारी सिंह को फिर से मौका दिया है। कुल मिलाकर छह उम्मीदवार मैदान में हैं।
आंकड़ों की बात करें तो एक उम्मीदवार को 41 विधायकों के वोट की आवश्यकता है। सदन में एनडीए के 202 विधायक हैं। इस तरह एनडीए के चार उम्मीदवारों, दो बीजेपी और दो जदयू की जीत लगभग तय है। एक प्रत्याशी उपेंद्र कुशवाहा के लिए तीन वोट अरेंज करने के लिए एनडीए का थिंक टैंक जी तोड़ मेहनत कर रहा है।
दूसरी ओर विपक्ष के पास कुल मिलाकर 35 विधायकों का वोट है जबकि जीत के लिए 41 की जरूरत है। ऐसे में असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम के पांच विधायकों की भूमिका बहुत बढ़ गई है। मायावती की बसपा के भी एक विधायक हैं। इनके समर्थन से विपक्ष के उम्मीदवार की जीत हो सकती है। एनडीए को तीन विधायकों के मतों कमी है।
नितिन नवीन और नीतीश कुमार के नामांकन कार्यक्रम के लिए गृहमंत्री अमित शाह दिल्ली से पटना आए। अमित शाह बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आवास पहुंचे। वहां से अमित शाह ने सीएम आवास जाकर नीतीश कुमार से मुलाकात की। वहां से तीनों एक गाड़ी से विधानसभा पहुंचे और नामांकन दाखिल किया। अमित शाह ने नीतीश कुमार के कार्यकाल को बिहार के लिए स्वर्णिम बताया।
नीतीश कुमार के इस फैसले से बिहार की सियासत में बड़ा बदलाव आएगा। राज्य में सरकार की कमान अब बीजेपी के हाथ में आ सकती है। नीतीश कुमार के बेटे निशांत डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। इसी के साथ बिहार में 20 साल पुराने नीतीश युग की समाप्ति हो जाएगी।




साइन इन