Nitish government scheme to treat fishes Mobile vans will run in these districts इंसान और पशु-पक्षी के बाद मछलियों के इलाज की नीतीश सरकार की स्कीम; इन जिलों में मोबाइल वैन चलेंगे, Bihar Hindi News - Hindustan
More

इंसान और पशु-पक्षी के बाद मछलियों के इलाज की नीतीश सरकार की स्कीम; इन जिलों में मोबाइल वैन चलेंगे

चलंत मात्स्यिकी लैब वाहन मत्स्य कृषकों के तालाब तक पहुंचेगा। वैन पर रखे उपकरणों से मत्स्य आहार की गुणवत्ता की जांच होगी। पदाधिकारियों ने बताया कि मोबाइल फिशरीज लैबोरेटरी सह प्रसार वैन मत्स्य पालन के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी पहल है।

Sun, 27 July 2025 10:43 AMSudhir Kumar हिन्दुस्तान, भागलपुर, मुख्य संवाददाता
share
इंसान और पशु-पक्षी के बाद मछलियों के इलाज की नीतीश सरकार की स्कीम; इन जिलों में मोबाइल वैन चलेंगे

बिहार की नीतीश सरकार ने अब बीमार मछलियों की भी जांच और इलाज का निर्णय लिया है। इसके लिए चिकित्सकों की टीम तालाब तक पहुंचेगी। पहली बार इस योजना को लांच किया गया है। अभी पायलट प्रोजेक्ट के तहत चार जिले को शामिल किया गया है। ट्रायल के तौर पर सहरसा, मुंगेर, पटना और मोतिहारी में यह योजना चलेगी। अगले वित्तीय वर्ष में इस प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी। यदि योजना सफल होती दिखेगी तो अन्य जिलों में बारी-बारी से चलाई जाएगी।

मत्स्य पदाधिकारियों ने बताया कि चलंत मात्स्यिकी लैब वाहन मत्स्य कृषकों के तालाब तक पहुंचेगा। वैन पर रखे उपकरणों से मत्स्य आहार की गुणवत्ता की जांच होगी। पदाधिकारियों ने बताया कि मोबाइल फिशरीज लैबोरेटरी सह प्रसार वैन मत्स्य पालन के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी पहल है। जो मत्स्य पालकों को मत्स्य पालन की आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक सेवाएं एवं सरकार द्वारा कार्यान्वित योजनाओं का प्रचार-प्रसार उनके दरवाजे तक सुलभता के साथ पहुंचाने का कार्य करेगी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:अगर 5 मिनट बिना मोबाइल के नहीं रह सकते तो सावधान! बिना देर किए डॉक्टर से मिलें

सहरसा, मुंगेर, पटना व मोतिहारी में चलेगी योजना

साथ ही इस मोबाइल वैन के द्वारा ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के कृषकों के तालाब पर ही जल एवं मृदा की गुणवत्ता परीक्षण एवं विश्लेषण, मछलियों के रोग और उसके निदान, पोषण संबंधी परामर्श, मछली पालन की नई वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।

जिला मत्स्य पदाधिकारी कृष्ण कन्हैया ने बताया कि प्रथम चरण में इस योजना का क्रियान्वयन चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में पायलट प्रोजेक्ट के तहत राज्य के चार चयनित मत्स्य सम्भावित जिले मोतिहारी, सहरसा, मुंगेर एवं पटना में किया जाएगा। यदि योजना सफल होती दिखेगी तो अन्य जिलों में बारी-बारी से चलाई जाएगी। इसके बाद आगामी वित्तीय वर्षों में इसे राज्य के अन्य जिलों में चरणबद्ध तरीका से कार्यान्वित किया जाएगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:कौन है दुश्मन और दोस्त कौन, बिहार चुनाव से पहले बनाएं लिस्ट; पुलिस के लिए फरमान
ये भी पढ़ें:बिहारी प्रॉडक्ट का एक्सपोर्ट होगा आसान, मोदी सरकार ने दी यह व्यवस्था

वैन में पानी और मिट्टी जांच के उपकरण रहेंगे

कृष्ण कन्हैया ने बताया कि सारे मोबाइल फिशरीज लेबोरेट्री सह प्रसार वैन विद्युत चालित होंगे। प्रत्येक मोबाइल फिशरीज लैबोरेटरी वैन की औसत इकाई लागत₹ 34.69 लाख आंकी गई है।

लेबोरेट्री वाहन में बेस प्राइस, इंश्योरेंस, रजिस्ट्रेशन, इंटीरियर फेब्रिकेशन कॉस्ट, कस्टमाइजेशन कॉस्ट, रिलेवेंट एसेसरीज, जेनसेट, स्मॉल फ्रिज, स्प्लिट एसी, एलईडी टीवी, स्टेबलाइजर एंड इंवर्टर, वाटर एंड स्वायल पारामीटर की जांच के लिए इक्विपमेंट, केमिकल, ग्लासवेयर, कंप्यूटर, यूपीएस, प्रिंटर आदि शामिल रहेगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बिहार में मृत व्यक्तियों के भी भरे जा रहे हैं SIR फॉर्म, SC में उठे कई बड़े सवाल
ये भी पढ़ें:एक साल के बच्चे ने कोबरा को काटा, सांप की हो गई मौत; हैरान करने वाली घटना
लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।