सोनिया 'सुपर पीएम' बनीं, राहुल विदेश जाने की जानकारी नहीं देते; नेहरू परिवार पर बरसे नितिन नवीन
राहुल गांधी को निगेटिव पॉलिटिक्स का पोस्टर बॉय बताते हुए नितिन नवीन ने कहा कि राहुल ने 247 से अधिक विदेशी यात्राएं की हैं। इनमें से कई यात्राओं की जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को नहीं दी गईं। आखिर यह किस कॉम्प्रोमाइज मिशन के तहत हो रहा है?

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को पटना में मीडिया से बातचीत की है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस दौरान राहुल गांधी और सोनिया गांधी समेत पूरे नेहरू-गांधी परिवार पर जमकर हमला बोला है। पटना में नितिन नवीन ने एक-एक कर नेहरू-गांधी परिवार के शासनकाल की याद दिलाई और बताया कि किस तरह से उनके शासन काल में विदेशी ताकतों के साथ समझौता कर लिया गया था। राहुल गांधी को नकारात्मक राजनीति का पोस्टर बताते हुए नितिन नवीन ने कहा कि उन्होंने अपनी कई विदेश यात्राओं के बारे में देश की सुरक्षा एजेंसियों को भी नहीं बताया। उन्होंने राहुल और सोनिया गांधी पर देश के युवाओं को भटकाने का आरोप लगाया।
नितिन नवीन ने अपनी बात की शुरुआत करते हुए कहा कि नेहरू-गांधी परिवार के कॉम्प्रोमाइज की कहानी मैं आपसे साझा कर रहा हूं। एक समय था जब नेहरू जी ने खुद कहा था ये 45 करोड़ की जनता मेरी जिम्मेदारी है। इतिहास गवाह है कि नेहरू जी का कार्यालय कैसे सीआईए और अन्य विदेशी एजेंसियों के लिए खुली किताब की तरह था। 1954 में नेहरू जी ने किस प्रकार से बिना किसी रिवार्ड के तिब्बत में भारत के अधिकार को चीन को सौंप दिया ये हम जानते हैं।
नितिन नवीन ने आगे कहा कि हम लोगों ने देखा कि भोपाल गैस कांड में हजारों भारतीयों के हत्यारे वारेन एंडरसन को राजकीय विमान से सुरक्षित देश से बाहर करना। सोनिया गांधी ने अपने पूरे राजनीतिक कार्यकाल में, यानी 2004 से 2014 के बीच नेशनल एडवाइजरी काउंसिल के माध्यम से 'सुपर प्रधानमंत्री' बनकर समानांतर सरकार और कैबिनेट का संचालन किया। उसी काल खंड में राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन की सरकार और जॉर्ज सोरोस के नेटवर्क से फंडिंग कराई गई। चीनी कम्यूनिस्ट पार्टी के साथ कौन सा गुप्त समझौता किया गया।
नेहरू राज में चीन को सदस्यता दिलाने की वकालत हुई- नितिन नवीन
नितिन नवीन ने कहा कि नेहरू परिवार ने हमेशा अपने हितों की रक्षा पर काम किया है। नेहरू जी ने 45 करोड़ जनता को अपनी जिम्मेदारी बताई थी लेकिन उनके यह शब्द जनता के साथ धोखा हैं। अभी के राहुल गांधी बब्बर शेर बन रहे हैं उनको भी आपने देखा कि किस तरह से वो विदेशी शक्तियों की कठपुतली बनकर काम करते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहर लाल नेहरू के कार्यकाल का जिक्र करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि पंचशील की आड़ में किस तरह से अक्साई चीन का कब्जा मान लिया गया। यूनाइटेड नेशन सिक्यूरिटी काउंसिल में खत लिखकर चीन को स्थाई सदस्यता देने की वकालत की गई थी। यह उनके कॉम्प्रोमाइज मिशन का हिस्सा था।
इंदिरा गांधी शासनकाल की दिलाई याद
इसके बाद नितिन नवीन ने इंदिरा गांधी शासनकाल की याद दिलाते हुए कहा कि उन्होंने एक छवि बनाई थी लेकिन हम सभी ने देखा था कि अमेरिकी राजदूत ने यह माना था कि सीआईए ने कांग्रेस को चुनाव में प्रचार करने के लिए पैसा दिया था। शिमला समझौता हुआ, जिसमें 93000 पाकिस्तानी सैनिकों को बिना पीओके को कब्जा लिए छोड़ दिया गया। आखिर किस कॉम्प्रोमाइज मिशन के तहत यह किया गया।
राजीव गांधी और बोफोर्स घोटाले का जिक्र
इसके बाद नितिन नवीन ने राजीव गांधी के कॉमप्रमाइज मिशन का जिक्र किया। नितिन नवीन ने कहा कि आपने देखा है कि किस तरह रक्षा सेवा में हुई उस डील को अपने बैंक अकाउंट को मजबूत करने का माध्यम बनाया गया। बोफोर्स घोटाले में स्वीडिस जांच के लिए किस प्रकार से उसको रोकते हुए अपने मित्र को बचाने का प्रयास किया गया।
राहुल-सोनिया पर बरसे नितिन नवीन
राहुल गांधी को निगेटिव पॉलिटिक्स का पोस्टर बॉय बताते हुए नितिन नवीन ने कहा कि राहुल ने 247 से अधिक विदेशी यात्राएं की हैं। इनमें से कई यात्राओं की जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को नहीं दी गईं। आखिर यह किस कॉम्प्रोमाइज मिशन के तहत हो रहा है? विदेश जाकर भारत विरोधी इरहान अमर और सोरोस जैसे करीबियों से मिलना और उनके इशारे पर भारत में ओच्छि राजनीति करना यह किस मिशन के तहत हो रहा था?
हमलोगों ने देखा था कि लद्दाख जैसे संवेदनशील बॉर्डर इलाके में जगह पर वो किस तरह शाकिब निराली जैसे विदेशी नागरिकों के साथ घूम रहे थे। पूरे कांग्रेसियों की अराजकता वाली मानसिकता को राहुल गांधी आगे बढ़ा रहे हैं। नितिन नवीन ने कहा कि भारत आज सबसे बड़ी युवा आबादी के साथ खड़ा है लेकिन इन युवाओं को भी अगर कोई कर रहा है तो वो सोनिया-राहुल रहे हैं जिससे हम सभी को सचेत होने की जरुरत है।




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