मोदी सरकार का बिहार को तोहफा, डीडीयू से पटना और किऊल से झाझा के बीच नई रेल लाइन
इसमें डीडीयू-दानापुर, दानापुर-फतुहा, फतुहा-बख्तियारपुर, बख्तियारपुर-पुनारख, पुनारख-किऊल और किऊल-झाझा जैसे छोटे-छोटे रेलखंड हैं। इनके निर्माण से ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी। माल ढुलाई सस्ता होगा।

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बिहार को बड़ा तोहफा दिया है। मोदी सरकार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय से पटना तक तीसरी एवं चौथी लाइन के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। नई रेलवे लाइन से बिहार के लोगों को काफी फायदा होगा। केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को पुनारख (बाढ़ के पास) से किऊल के बीच 50 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी लाइन के निर्माण को भी मंजूरी दी। इसके निर्माण पर 2268 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है। इस परियोजना को तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है।
डीडीयू से झाझा तक 400 किलोमीटर में 17 हजार करोड़ रुपये से तीसरी और चौथी लाइन बननी है। इसके लिए चरणवार स्वीकृति दी जा रही है। पुनारख से किऊल के बीच तीसरी-चौथी रेल लाइन का फैसला उसी का हिस्सा है। दोनों की कुल लंबाई 115 किलोमीटर होगी।
किऊल नदी के साथ ही 14 जगहों पर बड़े पुल का निर्माण होगा। इसके अलावा 18 पुल और 62 छोटे पुलिया के साथ चार लेवल क्रॉसिंग भी बनेगी। इसके बनने पर माल ढुलाई में सालाना 350 करोड़ की बचत होगी। डीडीयू से किऊल तक तीसरी और चौथी और किऊल से झाझा के बीच सिर्फ तीसरी लाइन का निर्माण होना है। पूरे निर्माण कार्य को कई चरणों में बांटा गया है।
इसमें डीडीयू-दानापुर, दानापुर-फतुहा, फतुहा-बख्तियारपुर, बख्तियारपुर-पुनारख, पुनारख-किऊल और किऊल-झाझा जैसे छोटे-छोटे रेलखंड हैं। इनके निर्माण से ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी। माल ढुलाई सस्ता होगा। कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर खंड का दोहरीकरण, गम्हरिया-चांडिल खंड के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की भी मंजूरी दी।
इस तरह होगा निर्माण
. पंडित दीनदयाल उपाध्याय से पटना तक तीसरी एवं चौथी लाइन का निर्माण होगा।
. राजेंद्रनगर से फतुहा के बीच तीसरी लाइन का निर्माण किया जाएगा।
. नेऊरा-जटडुमरी-दनियावां के रास्ते फतुहा तक चौथी लाइन बिछेगी।
. फतुहा से किऊल के बीच तीसरी एवं चौथी लाइन का निर्माण होगा।
. किऊल से झाझा के बीच तीसरी लाइन का निर्माण किया जाएगा।
54 किलोमीटर में शुरू होना है पहले चरण में काम
रेलवे बोर्ड द्वारा पहले चरण में फतुहा से बख्तियारपुर के बीच 24 किलोमीटर औऱ बख्तियारपुर से पुनारख के बीच 30 किलोमीटर में तीसरी और चौथी रेल लाइन की मंजूरी पहले दी जा चुकी है।




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