कलाई में जंजीर, हाथों में तिरंगा; कांग्रेस, राजद के खिलाफ पटना की सड़कों पर उतरी NDA महिला ब्रिगेड
पटना में भाजपा, जदयू, लोजपा, हम और रालोमो महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं के साथ भारी संख्या में सड़क पर उतर आई हैं। पटना गांधी मैदान से कारगिल चौक तक आक्रोश मार्च निकाला।

Protest for Women Reservation Bill: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पारित कराने में विफल रहने के बाद एनडीए की ओर से विपक्षों दलों खासकर कांग्रेस, राजद, सपा, टीएमसी के खिलाफ देशभर में अभियान चलाया जा रहा है। बिहार की राजधानी पटना में भाजपा, जदयू, लोजपा, हम और रालोमो महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं के साथ भारी संख्या में सड़क पर उतर आई हैं। पटना गांधी मैदान से कारगिल चौक तक आक्रोश मार्च निकाला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने दावा किया है कि महिलाओं के हक पर कुठाराघात करने वाले विपक्षी दलों के खिलाफ एक लाख से अधिक नारी शक्ति सड़क पर उतर गईं हैं। सीएम सम्राट चौधरी महिलाओं की के आक्रोश मार्च को संबोधित करेंगे।
रविवार शाम से राज्य के विभिन्न जिलों से महिलाओं का पटना में जुटना शुरू हो गया। आज सोमवार की सुबह में गांधी मैदान में भारी जुटान हो गया। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी उनके साथ मुस्तैद दिखे। गर्मी के मौसम में किसी की तबीयत खराब नहीं हो इसका खास ख्याल रखा जा रहा है। 11 बजे से महिलाओं का हुजूम निकलना शुरू हो गया। हाथों में तिरंगा झंडा, और स्लोगन वाले कार्ड्स लेकर महिलाएं नारेबाजी करते जब गांधी मैदान के बाहर निकलीं तो सड़क जाम हो गया। कारगिल चौक के पास महिलाओं का प्रदर्शन चल रहा है जिसकी वजह से वहां ट्रैफिक जाम हो गया है। पूर्व निर्धारित आक्रोश मार्च को देखते हुए पटना ट्राफिक प्लान में रविवार को बदलाव किया गया है।
गांधी मैदान से सटे कारगिल चौक पर मंच बनाया गया है। मंच से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित भाजपा के तमाम नेता सभा को संबोधित करेंगे। जदयू, लोजपा आर, हम और रालोमो से भी महिला नेत्री आई हैं। मार्च में विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ नारा लग रहा है। गांधी मैदान में टेंट लगा है। वहां से सभी जेपी गोलंबर होते हुए कारगिल चौक आ रही हैं। भीड़ में गरीब महिलाओं की संख्या अधिक है।
दरअसल केंद्र सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के नाम पर महिला आरक्षण संशोधन विधेयक संसद में लाया था। लेकिन, पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इस बिल पर विपक्ष को संतुष्ट करने में विफल रहे। कई घंटों की बहस और प्रधानमंत्री के उद्गार के बाद बिल पर वोटिंग हुई और विपक्षी दलों के कड़े तेवर के कारण यह बिल गिर गया। विधेयक पास कराने में विफल रहे एनडीए को विपक्ष के खिलाफ मुद्दा मिल गया। बीजेपी, जदयू, रालोमो, हम और लोजपा आर के कार्यकर्ता और नेता आरोप लगा रहे हैं कि विपक्ष को महिलाओं के हितों का जरा भी ख्याल नहीं है।




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