महिला आरक्षण बिल सत्ता पर काबिज रहने का खेल, शिवानंद तिवारी ने भाजपा पर साधा निशाना
शिवानंद तिवारी ने आरोप लगाया है कि नारी वंदन अधिनियम के नाम पर भाजपा दरअसल सत्ता को स्थायी बनाने का खेल खेल रही है।

Shivanand Tiwari: नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव के करीबी रहे पूर्व मंत्री शिवानंद तिवारी ने आरोप लगाया है कि नारी वंदन अधिनियम के नाम पर भाजपा दरअसल सत्ता को स्थायी बनाने का खेल खेल रही है। अगर महिलाओं के प्रतिनिधित्व की सच्ची चिंता होती, तो 2023 में पास बिल को तुरंत लागू किया जाता, न कि उसे जनगणना और परिसीमन से जोड़कर टाल दिया जाता। सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा है।
पूर्व मंत्री ने कहा है कि अब जो अचानक नया ढांचा लाया जा रहा है, उसमें सीटों की संख्या 800 के पार ले जाकर ऐसा संतुलन बनाने की साज़िश रची जा रही है जिससे उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों का वर्चस्व बढ़े—जहाँ भाजपा पहले से मजबूत है। इससे लोकतंत्र का संतुलन बिगड़ेगा और सत्ता कुछ क्षेत्रों तक सिमट जाएगी। विडंबना यह है कि जिस देश में महिलाओं की सुरक्षा आज भी सुनिश्चित नहीं है, जहाँ बलात्कार के दोषियों तक को संरक्षण मिलता दिखता है, वहीं “नारी वंदन” का राजनीतिक नारा दिया जा रहा है। यह महिलाओं का सम्मान नहीं, बल्कि सत्ता को स्थायी करने की चाल है। लोगों को इसे समझना होगा।
लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक गिर जाने पर देश भर में सियासत सुलग गई है। सत्ताधारी दलों के नेताओं ने इसे विपक्ष के खिलाफ हथियार बनाकर अभियान शुरू कर दिया है। भाजपा नेताओं ने रविवार को देश के विभिन्न राज्यों में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर विपक्ष पर हमला किया। दूसरी ओर विपक्ष के नेता बचाव करते हुए इसे बीजेपी की चाल बताते दिखे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कांग्रेस, राजद, समाजवादी पार्टी के नेताओं पर आरोप लगाया कि ये अपने परिवार की महिलाओं को ही सदन में भेजना चाहते हैं। अन्य महिलाओं को वहां पहुंचने से रोक रहे हैं। केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी, पूर्व मंत्री श्रवण कुमार, श्रयेसी सिंह समेत कई नेताओं ने कहा कि नारी शक्ति इन दलों को सबक सिखाएगी।
इस पर तेजस्वी यादव ने सफाई में कहा कि महिला आरक्षण को कोई रोकना नहीं चाहता। हम तो कहते हैं कि 50 प्रतिशत दे दीजिए। लेकिन, इसमें ओबीसी महिलाओं को अंदर से आरक्षण मिलना चाहिए ताकि गांव की गरीब महिला भी सदन तक पहुंच सके। बीजेपी इसकी आड़ डिलिमिटेशन बिल को पास कराना चाहती थी ताकि मनमाफिक परिसीमन करके विपक्ष को कमजोर किया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी को खुद यह बिल समझ में नहीं आ रहा है। जो गुजराती भाई कहते हैं वही करते हैं। बिहार में दिल्ली के इशारे पर सरकार चल रही है।




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