बिहार में नवादा-लक्ष्मीपुर रेल लाइन को मंजूरी, जमुई-झाझा के सैकड़ों गांवों को फायदा
रेलवे विभाग द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस 137 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 621.57 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है। इस पूंजी निवेश का बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर सर्वे, निर्माण कार्य, भूमि अधिग्रहण और आधुनिक रेल तकनीकों के समावेश पर व्यय किया जाएगा।

Bihar News: बिहार में नवादा जिले के बुनियादी ढांचे और परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। पूर्व मध्य रेलवे द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए जारी की गई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की सूची में नवादा-लक्ष्मीपुर नई रेल लाइन को प्रमुखता से शामिल किया गया है। लगभग 137 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना के धरातल पर उतरने से न केवल नवादा जिला, बल्कि आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में भी आमूलचूल परिवर्तन आने की संभावना है।
रेलवे विभाग द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस 137 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 621.57 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है। इस पूंजी निवेश का बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर सर्वे, निर्माण कार्य, भूमि अधिग्रहण और आधुनिक रेल तकनीकों के समावेश पर व्यय किया जाएगा। यह परियोजना नवादा को सीधे लक्ष्मीपुर से जोड़कर एक नया व्यापारिक और सामाजिक गलियारा तैयार करेगी। इस परियोजना के पूरा होने पर नवादा, पकरीबरावां सहित जमुई, झाझा, सोनो, खैरा, चकाई, सिकंदरा, अलीगंज के सैकड़ों गांव को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
क्षेत्रीय विकास और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
वर्तमान में नवादा जिले के यात्रियों और व्यापारियों को लंबी दूरी तय करने के लिए वैकल्पिक और अक्सर घुमावदार मार्गों का सहारा लेना पड़ता है। इस नई रेल लाइन के निर्माण से यात्रा समय में भारी कटौती होगी। विशेष रूप से कृषि प्रधान इस क्षेत्र के किसानों के लिए अपनी उपज को बड़े बाजारों तक पहुंचाना सुगम हो जाएगा।
स्थानीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस रेल खंड के शुरू होने से जिले में लघु और मध्यम उद्योगों के विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही, परिवहन की लागत कम होने से आम उपभोक्ताओं को भी लाभ मिलेगा।
परियोजना की मंजूरी मिलने पर लोगों में खुशी
पकरीबरावां क्षेत्र के विकास और रेल संपर्क की दशकों पुरानी मांग अब हकीकत में बदलती नजर आ रही है। जनचेतना सह विकास समिति के बैनर तले वर्षों से किए जा रहे संघर्ष और आंदोलन के बाद रेल मंत्रालय ने नवादा से पकरीबरावां-लक्ष्मीपुर होते हुए कुल 137 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन के निर्माण के लिए सर्वे आवंटन को हरी झंडी दे दी है। इस घोषणा के बाद समूचे प्रखंड क्षेत्र में हर्ष की लहर दौड़ गई। इस कार्य को मुकाम तक पहुंचाने में राज्यसभा सांसद सह रेलवे स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य खीरू महतो ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समिति के लोगों ने कहा कि नवादा सांसद विवेक ठाकुर के प्रयासों ने भी इस परियोजना को गति प्रदान करने में बड़ी भागीदारी निभाई है। जनचेतना सह विकास समिति के सचिव महेंद्र प्रसाद शर्मा और कार्यकारी अध्यक्ष कमलेश कुमार ने इसे जनता की जीत बताया। समिति के सदस्यों राजेंद्र पासवान, अवधेश पासवान, डिंपल सिंह, विजय यादव, बिपिन सिंह, गुड्डू विजय सिंह, जुगल किशोर प्रसाद और दिलीप कुमार रंजन समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं ने हर्ष व्यक्त किया।
अमृत भारत योजना और आधुनिक बुनियादी ढांचा
यह नई लाइन रेलवे के उस व्यापक विजन का हिस्सा है जिसके तहत बिहार के रेल नेटवर्क को आधुनिक और हाई-स्पीड परिचालन के अनुकूल बनाया जा रहा है। नवादा रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और अन्य ढांचागत सुधारों के बीच, यह नई रेल परियोजना जिले के लिए एक जीवनरेखा साबित होगी। स्थानीय प्रशासन और रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के लिए आवश्यक प्रारंभिक प्रक्रियाओं में तेजी लाई जा रही है ताकि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान निर्माण कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सके। नवादा की जनता के लिए यह खबर एक बड़ी सौगात के रूप में देखी जा रही है, जो आने वाले समय में जिले की आर्थिक तस्वीर बदलने की क्षमता रखती है।




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