चेतन आनंद ने गाली दी और रंगदारी मांगा, जदयू नेता का अपने ही विधायक पर संगीन आरोप
जदयू नेता ने विधायक चेतन आनंद पर आरोप लगाते हुए कहा कि विधायक ने गाली-गलौज की और परिवार के सदस्यों से अभद्र व्यवहार किया। उस समय वह घर पर मौजूद नहीं थे। आरोप लगाया कि विधायक ने इस काम को बंद कराने की धमकी दी और रंगदारी की मांग की।

बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्व जिला प्रवक्ता राजीव रंजन ने शनिवार को औरंगाबाद जिले में एक प्रेसवार्ता में नवीनगर के जदयू विधायक चेतन आनंद पर रंगदारी मांगने और धमकी देने का आरोप लगाया। राजीव रंजन उर्फ राजा बाबू ने कहा कि उन्होंने एसपी को आवेदन दिया है। लेकिन औरंगाबाद एसपी अंबरीश राहुल ने बताया कि उन्हें इस तरह का कोई आवेदन नहीं मिला है। न कोई प्राथमिकी दर्ज की गई है। इधर, जदयू विधायक चेतन आनंद ने सभी आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बताया। राजीव रंजन ने आरोप लगाया कि 2 अप्रैल 2026 की रात करीब 8:30 बजे विधायक अपने सरकारी अंगरक्षकों के साथ उनके घर पहुंचे।
गाली-गलौज की और परिवार के सदस्यों से अभद्र व्यवहार किया। उस समय वह घर पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा कि वे जदयू के जिला प्रवक्ता रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी बिजली परियोजना में उनका सिविल कार्य चल रहा है। आरोप लगाया कि विधायक ने इस काम को बंद कराने की धमकी दी और रंगदारी की मांग की।
चेतन आनंद ने दी सफाई
इधर नवीनगर के विधायक चेतन आनंद ने कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि धनौती गांव के कुछ युवकों ने फोन कर जानकारी दी थी कि राजीव रंजन उर्फ राजा, खुद को जदयू नेता बताकर एनटीपीसी में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे वसूल रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद जब इस बारे में पता किया तो यह बात सही पायी गई। राजीव रंजन द्वारा अपने एक पड़ोसी को लगातार धमकी भी दी जा रही थी थी।
दोनों मामले को लेकर उनके घर पर गए थे और उन्हें समझाया गया था कि ऐसा नहीं करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि रंगदारी मांगने का आरोप पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद है। जनप्रतिनिधि होने के नाते उनका कर्तव्य है कि उनके क्षेत्र के युवाओं से कोई ठगी नहीं करे। विधायक ने कहा कि इस तरह के मामलों को तूल नहीं दिया जाना चाहिए। इससे कुछ लोगों को अनावश्यक लोकप्रियता मिलती है।




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