सीमांचल में घुसपैठ और कट्टरवाद पर होगा प्रहार, अमित शाह 3 दिन बिहार में बनाएंगे रणनीति
Amit Shah Bihar Visit: दरअसल बिहार के सीमावर्ती जिलों में बेलगाम घुसपैठ कई बड़ी चिंता पैदा कर रही है। सीमांचल और उत्तर बिहार के सीमाई जिलों में तेजी से जनसांख्यिकीय बदलाव हो रहा है। कई इलाकों में आबादी का आकार-प्रकार पूरी तरह बदल गया है।

Amit Shah Bihar Visit: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय दौरे पर बुधवार को बिहार पहुंच रहे हैं। इस दौरान गृहमंत्री बिहार से जुड़ी भारत-नेपाल की करीब 700 किमी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा, उसके प्रबंधन और आर्थिक नाकेबंदी को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक करेंगे।अमित शाह बुधवार की शाम सीधे पूर्णिया एयरपोर्ट पर उतरेंगे और वहां से हेलिकॉप्टर से किशनगंज जाएंगे। समाहरणालय में शाम को करीब दो घंटे समीक्षा बैठक होगी। फिर किशनगंज में ही रात्रि विश्राम करेंगे। गु
गुरुवार को गृह मंत्री अररिया जाएंगे। वे सुबह 11 बजे एसएसबी की सीमा चौकी ‘ लेटी ‘ के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद समाहरणालय में भारत-नेपाल संबंधी मुद्दों पर राज्य के सात सीमावर्ती जिलों के डीएम-एसपी संग समीक्षा बैठक करेंगे। ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम ‘ की समीक्षा भी होगी।
केंद्रीय गृह सचिव और आईबी निदेशक भी रहेंगे
केंद्रीय गृह मंत्री 26 को पूर्णिया में रात्रि विश्राम करेंगे। 27 को भारत-नेपाल सीमावर्ती जिलों से संबंधित मुद्दों पर पूर्णिया या पटना में उनकी बैठक होने की संभावना है। इसमें केंद्रीय एजेंसियां एसएसबी, ईडी, आईबी आदि के वरिष्ठ अधिकारी भी भाग लेंगे। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका शामिल रहेंगे।
सीमावर्ती जिलों में बेलगाम घुसपैठ से बढ़ी चिंता
दरअसल बिहार के सीमावर्ती जिलों में बेलगाम घुसपैठ कई बड़ी चिंता पैदा कर रही है। सीमांचल और उत्तर बिहार के सीमाई जिलों में तेजी से जनसांख्यिकीय बदलाव हो रहा है। कई इलाकों में आबादी का आकार-प्रकार पूरी तरह बदल गया है। ऐसी स्थिति भारत और नेपाल दोनों तरफ सीमा से सटे क्षेत्रों में नजर आती है। इसका असर बढ़ते कट्टरवाद, देश विरोधी गतिविधियों और टकराव के रूप में सामने आ रहा है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ ही भारत-नेपाल के बीच सदियों पुराने सामाजिक रिश्तों को भी प्रभावित कर रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो दिनों के सीमांचल दौरे में घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव की समीक्षा करने वाले हैं। पूर्वी चंपारण के रक्सौल और आदापुर क्षेत्र में खुली सीमा सुरक्षा एजेंसियां के लिए चुनौती बनी हुई है। आदापुर प्रखंड के घोड़ासहन, कोरैया, झिटकहिया, चंद्रमन, इनरवा, औरैया, जमुनापुर, जमुनभार तथा सीमा पार गिरकहिया, मटियारवा, बसंतपुर, सनफुलवा व फुलवरिया में हाल के वर्षों में जनसंख्या वृद्धि और निर्माण गतिविधियों में तेजी दर्ज की गई है।
नेपाल के परसा, बारा में नई बस्तियां बस रही हैं। कई नए धार्मिक स्थलों का निर्माण हुआ है, जिसमें विदेशी फंडिंग की चर्चा है। पश्चिम चंपारण में नरकटियागंज के भिखनाठोरी में बाहर से आकर बसी आबादी तेजी से बढ़ी है। उधर, नेपाल के वीरगंज, रौतहट में सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं हाल के दिनों में बढ़ गई हैं।
बम धमाकों में आ चुका है मधुबनी का नाम
मधुबनी में मधवापुर से लौकही तक के क्षेत्रों में आबादी का स्वरूप बदला है। कई बार देश विरोधी गतिविधियों से यहां के तार जुड़ चुके हैं। मुंबई बमकांड में शामिल आईएसआई से जुड़े मो. कमाल व फहीद अंसारी की गिरफ्तारी बासोपट्टी से हुई थी। जाली नोट के कई मामले यहां सामने आते रहे हैं।
दरभंगा : लश्कर से जुड़े लोगों के नाम आए
दरभंगा सिंहवाड़ा, जाले, अलीनगर और किरतपुर प्रखंडों में स्पष्ट जनसांख्यिकीय बदलाव देखे जा रहे हैं। नवनिर्मित धार्मिक स्थलों में विदेशी फंडिंग की आशंका जताई गई है। दरभंगा में इंडियन मुजाहिदीन का माड्यूल सामने आ चुका है। इसमें नूरुद्दीन जंगी, मो. सनाउल्लाह और मो. मुस्तिकिन के नाम सामने आए। 2021 में दरभंगा जंक्शन पर पार्सल ब्लास्ट में लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकियों की गिरफ्तारी हुई थी।
विदेशियों के नेपाल सीमा से भारत में घुसपैठ कर उत्तर बिहार में पनाह लेने के कई मामले सामने आ चुके हैं। 2017 में मुजफ्फरपुर में दो अफगानी नागरिक अवैध रूप से रहते हुए पकड़े गए थे। दोनों ने फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और वोटर आईडी तक बनवा लिया था। ये सूद पर कर्ज देने का बड़ा व्यवसाय कर रहे थे। 2023 में ब्रिटिश नागरिक कास्पारके पीटर रक्सौल में सीमा पर पकड़ा गया था। वह लंबे समय तक मुजफ्फरपुर में होटल में रुका। बिहार के कई जिलों में घूमा।
नोएडा के एक विवि में पढ़ाई का वीजा लेकर भारत आया अफगानी नागरिक इस्माइल रहीमी 2024 में पकड़ा गया था, जो वीजा अवधि समाप्त होने के बाद होमगार्ड एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष के घर में रहने लगा। वह उनके पुत्र का बॉडीगार्ड बन गया। कांवरियों से मारपीट के दौरान धरे जाने पर उसके अफगानी होने का खुलासा हुआ। मुजफ्फरपुर में 2024 में चीनी नागरिक ली निंगदोंग लाओ को घुसपैठ के जरिए प्रवेश करने में गिरफ्तार किया। उसके पास से कई चीनी दस्तावेज मिले थे। एसकेएमसीएच में इलाज के दौरान उसने ब्लेड से खुद को जख्मी कर लिया और मौत हो गई।
सीतामढ़ी के पास चीनी गतिविधियां
सीतामढ़ी से सटे नेपाल के रौतहट में चीनी सक्रियता बढ़ रही है। बीते वर्ष चीनी नागरिकों द्वारा अवैध रूप से चीनी भाषा सिखाने और युवाओं से बॉर्डर इलाके के वीडियो एक खास चाइनीज एप पर अपलोड कराने का मामला सामने आया था। इस क्षेत्र में एक वर्ष में आधा दर्जन से अधिक बार कर्फ्यू लग चुका है।




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