Muzaffarpur Prasad Hospital License Cancelled 3 arrested action on 6 died in fire doctor absent from duty मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द, आग से 6 की मौत पर ऐक्शन; ड्यूटी से गायब था डॉक्टर, Bihar Hindi News - Hindustan
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मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द, आग से 6 की मौत पर ऐक्शन; ड्यूटी से गायब था डॉक्टर

मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू में लगी आग में 6 लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया है। हादसे के समय आईसीयू में तैनात डॉक्टर समेत 3 लोगों को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। मगर तीनों को जमानत भी मिल गई। आग जब लगी तब डॉक्टर ड्यूटी से गायब था। 

Fri, 5 June 2026 11:14 PMJayesh Jetawat हिन्दुस्तान, प्रमुख संवाददाता, मुजफ्फरपुर
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मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द, आग से 6 की मौत पर ऐक्शन; ड्यूटी से गायब था डॉक्टर

बिहार के मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। एक दिन पहले हुए भीषण अग्निकांड के बाद सरकार ने बड़ा ऐक्शन लिया है। ब्रह्मपुरा स्थित निजी अस्पताल के आईसीयू में गुरुवार तड़के आग लग गई थी, जिसमें 6 मरीजों की मौत हो गई। पुलिस ने आईसीयू में तैनात डॉक्टर पंकज, प्रशासनिक प्रबंधक रामकुमार और मेंटेनेंस मैनेजर अजीत कुमार को शुक्रवार सुबह गिरफ्तार कर लिया।

सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार ने प्रसाद हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द करने का पत्र शुक्रवार को तैयार कर लिया। हालांकि, इसकी अधिसूचना शनिवार को जारी होने की उम्मीद है। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि घटना के वक्त आईसीयू में तैनात डॉक्टर पंकज ड्यूटी से गायब थे। आग लगने के बाद एडमिन मैनेजर रामकुमार सुबह अस्पताल पहुंचे, तब तक अफरा-तफरी मच चुकी थी।

एसी में शॉर्ट सर्किट से आग

उन्होंने कहा कि अस्पताल के कर्मचारी मरीजों को छोड़कर भाग गए। मेंटेनेंस मैनेजर अजीत कुमार ने लंबे समय से आईसीयू में लगे एसी की सर्विस नहीं कराई थी। एसी में शॉर्ट सर्किट से आग लगी। हालांकि, कोर्ट में पेशी के बाद जमानतीय धारा होने कारण पुलिस ने तीनों को मुचलके पर छोड़ दिया कर दिया।

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अस्पताल में पर्याप्त फायर सेफ्टी नहीं

सिटी एसपी ने बताया कि प्रसाद हॉस्पिटल के मालिक की लापरवाही के बिंदु पर भी जांच की जाएगी। देखा जा रहा है कि अस्पताल में पर्याप्त फायर सेफ्टी और हॉस्पिटल भवन के निर्माण में तो कोई लापरवाही नहीं बरती गई थी। स्टाफ ड्यूटी के मानकों का पालन हुआ या नहीं। इन सभी बिंदुओं पर एक्सपर्ट और प्रशासनिक टीम की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

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स्वास्थ्य विभाग ने 7 दिनों में मांगा जवाब

सीएस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अस्पताल प्रबंधन की तरफ से मरीजों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही बरती गई। जांच में पहली नजर में पाया गया है कि अस्पताल में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, जिससे लोगों की मौत हुई। अस्पताल का लाइसेंस रद्द होने के बाद अस्पताल प्रबंधक से सात दिनों के भीतर सारे दस्तावेज और स्पष्टीकरण का जवाब देने को कहा गया है।

बता दें कि 4 जून की सुबह 3:20 बजे शॉर्ट-सर्किट से आईसीयू में आग लगी थी। हादसे में छह मरीजों की मौत हुई थी और 18 मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया था।

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