मुजफ्फरपुर अस्पताल आग में देवदूत बनकर पहुंचे जांबाज, 15 लोगों को मौत के मुंह से निकालकर लाए
मुजफ्फरपुर के अस्पताल में लगी आग में कई लोग आग की लपटों और धुएं के बीच फंस गए। दमकल कर्मी देवदूत बनकर आए और करीब 15 लोगों को मौत के मुंह से बाहर निकाला। इस हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है।

बिहार के मुजफ्फरपुर में एक निजी अस्पताल में आग लगने से 5 लोगों की मौत हो गई। इस अग्निकांड में मौत का आंकड़ा बहुत ज्यादा हो सकता था। मगर अग्निशमन विभाग के जांबाज कर्मी देवदूत बनकर आए। उन्होंने लगभग आग और धुएं फंसे लगभग 15 लोगों को मौत के मुंह से बाहर निकाला, जिससे उनकी जान बच गई। इस घटना की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। आग प्रसाद अस्पताल के आईसीयू वार्ड में गुरुवार तड़के करीब 4 बजे लगी। आईसीयू में उस समय 20 से अधिक मरीज भर्ती थे। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने भी मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
आग लगने के बाद दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। दमकल कर्मी आईसीयू में घुसे और वहां फंसे लोगों का रेस्क्यू किया। एक दमकल कर्मी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उस समय बहुत धुआं हो रहा था। उन्होंने 15 लोगों को वहां से रेस्क्यू कर बाहर निकाला।
दमकल की 6 गाड़ियों ने आग पर पाया काबू
अग्निशमन अधिकारी फैज अहमद ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रथमदृष्ट्या माना जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी। आईसीयू से कुल 20-22 लोगों को रेस्क्यू किया गया। 5 की मौत हो चुकी है। आग बुझाने के लिए दमकल की 6 गाड़ियां मौके पर पहुंची थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट होगा कि मौत कैसे हुई, धुएं में दम घुटने और आग में झुलसने से जान जाने की आशंका जताई जा रही है।
आईसीयू में भर्ती थे 15 मरीज
मुजफ्फरपुर के नगर आयुक्त ऋतुराज सिंह ने कहा कि अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। कई अन्य लोग घायल हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। डीएम सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि आईसीयू में लगभग 13 से 15 मरीजों का इलाज चल रहा था, जिन्हें उनके परिजन अन्य अस्पतालों में ले गए हैं। आग पर काबू पा लिया गया है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर आशंका है कि आईसीयू वार्ड में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी और तेजी से फैल गई, जिससे आईसीयू में धुआं भर गया और मरीजों को बाहर निकालने में काफी कठिनाई हुई।
जांच के लिए कमिटी का गठन
इस घटना की जांच के लिए डीएम ने 5 सदस्यीय कमिटी का गठन किया है। इनमें अपर समाहर्ता, एसडीएम, एसडीपीओ समेत अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है। जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आग लगने की असली वजह क्या थी।
(एएनआई के इनपुट के साथ)




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