Muzaffarpur hospital fire case filed i Human Rights Commission 5 dead investigation by retired judge रिटायर जज की निगरानी में जांच हो, मुजफ्फरपुर अस्पताल अगलगी केस पहुंचा मनावधिकार आयोग; 5 की मौत, Bihar Hindi News - Hindustan
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रिटायर जज की निगरानी में जांच हो, मुजफ्फरपुर अस्पताल अगलगी केस पहुंचा मनावधिकार आयोग; 5 की मौत

मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में अगलगी और पांच मौत को लेकर  राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली और राज्य मानवाधिकार आयोग, पटना में याचिका दायर किया गया है।

Thu, 4 June 2026 12:59 PMSudhir Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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रिटायर जज की निगरानी में जांच हो, मुजफ्फरपुर अस्पताल अगलगी केस पहुंचा मनावधिकार आयोग; 5 की मौत

बिहार के मुजफ्फरपुर में एक नामी निजी अस्पताल प्रसाद हॉस्पिटल एक आईसीयू नें गुरुवार की अहले सुबह आग लग गई जिसमें पांच मरीजों की जलकर मौत हो गई। 15 से अधिक मरीज जख्मी हो गए जिनका इलाज विभिन्न निजी और सरकारी अस्पतालों में कराया जा रहा है। यह मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली और राज्य मानवाधिकार आयोग, पटना के समक्ष पहुँच गया है। याचिकाकर्ता अधिवक्ता सुबोध कुमार झा ने रिटायर जज की निगरानी में पूरे मामले की जांच कराई जाए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के लिए चार-चार लाख मुआवजे का ऐलान किया है। हादसे में जख्मी मरीजों के समुचित इलाज का निर्देश जिला प्रशासन को दिया गया है।

गुरुवार दिनांक 04.06.2026 को तड़के करीब तीन बजे ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में चौथी मंजिल पर स्थित आईसीयू में आग लग गई। यूनिट में करीब 25 लोग भर्ती थे। आग लगने के बाद अफरातफरी मच गई। जान बचाने के लिए लोग भागने लगे। मरीजों के परिजनों ने अपने अपने रिश्तेदारों को निकाला। 15 से अधिक मरिजों को समय से नहीं निकाला जा सका। फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची तब आईसीयू की आग बुझाकर मरीजों को निकालकर एंबुलेंस से दूसरे अस्पतालों में भेजा गया। अबतक पांच मरीजों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

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इस मामले में जिले के मानवाधिकार मामलों के अधिवक्ता एस.के.झा ने दोनों आयोगों में याचिका दाखिल किया हैं। मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के.झा ने बताया कि यह घटना काफ़ी दुःखद हैं। उन्होंने मानवाधिकार आयोग से रिटायर्ड जज की निगरानी में मामले की उच्च स्तरीय जाँच की माँग की हैं तथा दोषी अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध कड़ी-से-कड़ी कार्रवाई की माँग की हैं। एस के झा ने बताया कि लोग जान बचाने के लिए अस्पताल जाते हैं। वहां अगर आग लग जाए और जिन्दा जलकर मौत हो जाए तो यह गंभीर मामला बनता है। राज्य के सभी निजी अस्पतालों में सुरक्षा मानकों की ऑडिट कर उचित कार्रवाई करने की मांग अधिवक्ता एसके झा ने की है।

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इधर कांड की जांच के लिए जिला प्रशासन ने भी कमेटी का गठन कर दिया है। नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह ने बताया कि डीएम सुब्रत कुमार सेन के निर्देश पर पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है जो कांड की जांच में जुट गई है। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम को जांच में लगाया गया है। अस्पताल के उस भाग को सील कर दिया गया है जहां घटना हुई। अस्पताल संचालक और प्रबंधकों से पुलिस पूछताछ कर रही है। एसएसपी ने कहा है कि लापरवाही उजागर होने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने जिले के अन्य अस्पतालों में भी फायर ऑडिट का निर्देश दिया है।

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