VIDEO: बिहार के मुजफ्फरपुर में हॉस्पिटल में लगी आग, अबतक 5 की मौत की मौत, बढ़ेगा आंकड़ा; क्या बोले फायर ऑफिसर
बिहार में आग ने तांडव मचाया। मुजफ्फरपुर स्थित निजी प्रसाद हॉस्पिटल में भीषण अगलगी की घटना में अबतक 5 मरीजों की मौत हो चुकी है जबकि, कई अन्य झुलसकर कर जख्मी हैं। कुल 10 मौत की चर्चा है।

Fire in Muzaffarpur Hospital: बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित निजी प्रसाद हॉस्पिटल में भीषण अगलगी की घटना में अबतक 5 मरीजों की मौत हो चुकी है जबकि, कई अन्य झुलसकर कर जख्मी हैं। कुल 10 मौत की चर्चा है। 5 के मरने की पुष्टि की है। हताहतों की संख्या बढ़ सकती है। राहत एवं बचाव कार्य जारी है। फायर ब्रगेड, पुलिस और प्रसाशन की टीम मौके पर जुटी हुई है। कई मरीजों को बचा लिया गया है। डीएम, एसएसपी समेत सभी पदाधिकारी मौके पर मौजूद हैं। अस्पताल के पास भारी भीड़ जुट रही है जिन्हें संभालने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बलों को तैनात किया गया है।
मुजफ्फरपुर शहर के ब्रम्हपुरा स्थित निजी प्रसाद अस्पताल की आईसीयू में आग लगने से चार लोगों की मौत की पुष्टि जिला प्रशासन की ओर से की गयी है। सभी मरीज आई सी यू एक हफ्ते से भर्ती थे। घटना का प्रारंभिक कारण शॉट सर्किट बताया जा रहा है। घटना सुबह 3.20 बजे हुई। घटना के समय आईसीयू में 15 से अधिक मरीज भर्ती थे। फायर फाइटिंग टीम ने इसकी संख्या लगभग 25 बताया है। अन्य घायलों को दूसरे अस्पताल में भर्ती किया गया। एक मरीज के परिजन ने आरोप लगाया कि घटना के वक्त आईसीयू में कोई अटेंडेंट नहीं था। मरीजों के परिजन अपनों को निकालने में लग गए। आग बुझाने के लिए कोई कर्मी नहीं दिखा। पूरे आईसीयू में धुआं भर गया। मरीज और उनके परिजन छटपटाने और चिल्लाने लगे। उनकी सुनने वाला कोई नहीं। अस्पताल के विभिन्न तल्लों पर मौजूद लोग भागने लगे। अस्पताल के कर्मी भी जान बचाने के लिए भागकर बाहर निकल गए। आरोप लगाया जा रहा है कि कई लाशों को इधर उधर कर दिया गया है।

इस घटना से अस्पताल के फायर फाइटिंग व्यवस्था की पोल खुल गई है। आग लगी तो अस्पताल का फाइर हाइड्रेंट काम नहीं कर पाया। कुछ फायर एक्सटिंग्विशर थे पर उन्हें ऑपरेट करने वाला कोई नहीं था। अस्पताल में अफरा तफरी मच गयी है। मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है। जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन अन्य फ्लोर में भर्ती मरीजों के इलाज की व्यवस्था कंफर्म कराई जा रही है।
मौके पर पहुंचे मुजफ्फ्फरपुर के डी एम सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि चौथे मंजिल पर आईसीयू में करीब 15 मरीज भर्ती थे। घायलों को आस पास के अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि घटना की गहन जांच की जा रही है। लापरवाही की बात सामने आई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। घटना बहुत दुखद है।
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कहा कि मरीजों के परिजनों का बयान दर्ज किया जा रहा है। घटना के कारणों की जांच के लिए टीम का गठन कर दिया गया है। एफएसएल की टीम को इन्वॉल्व किया गया है। मामले की पूरी तकनीकि जांच होगी। फिलहाल शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मुस्तैदी के साथ कार्रवाई करेगी।
बताया जा रहा है कि सुबह तीन बजे अस्पताल की आईसीयू में धमाके के साथ आवाज हुई और वेंटिलेटर उपकरणों में आग लग गई। इसके बाद अस्पताल में अफरातफरी मच गई । मरीज इधर उधर भागने लगे। घटना के बाद फायर ब्रिगेड को बुलाया गया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। मृतकों के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा भी किया। एसएसपी ने बताया कि जांच के बाद अस्पताल प्रबंधन पर भी कार्रवाई होगी। अस्पताल परिसर को सील किया गया आही। आग इतनी भयंकर थी कि सुबह 7 बजे तक दुर्गंध आ रही थी। आग पर काबू कर लिया गया है।




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