घर बनाना होगा महंगा, किसानों मजदूरों को खर्च चलाना मुश्किल
मोतिहारी में पेट्रोल 109.99 और डीजल 95.97 रुपए प्रति लीटर होते ही महंगाई बढ़ गई है। परिवहन महंगा होने से अनाज और निर्माण सामग्री के दाम बढ़ने की आशंका है। दुकानदार और किसान प्रभावित हुए हैं। विभिन्न व्यवसायों के लोगों ने अपनी चिंताओं और समस्याओं को साझा किया है।

मोतिहारी, हिप्र.। पेट्रोल 109.99 और डीजल 95.97 रुपए लीटर होते ही महंगाई ने रफ्तार पकड़ ली है। परिवहन महंगा हुआ तो अनाज से लेकर सरिया-सीमेंट तक सबके दाम बढ़ने तय हैं। बाजार सहमा है, दुकानदार सिकुड़ रहे हैं और किसान-ड्राइवर-मजदूर की कमाई से पहले ही खर्चा आगे निकल गया है। इस मुद्दे पर कचहरी चौक पर कुछ लोगों से प्रतिक्रिया जानी गयी जो इस प्रकार है।
दवा व्यवसाय पर प्रभाव
दवा व्यवसाय से पूर्व में जुड़े नीरज कुमार का कहना है कि दवाईयों की ढुलाई और वितरण के लिये डीजल पर निर्भरता है। पेट्रोल डीजल मंहगे होने से दवा कम्पनियों की माल ढुलाई बढ़ जाती है। दवाओं की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाला प्लास्टिक पेट्रोकेमिकल उत्पाद महंगा हो सकता है। आथोराइज्ड सर्विस सेंटर के राजेश कुमार का कहना है कि पहले से ऐसे ही काम मंदा चल रहा था। पेट्रोल का दाम बढ़ गया। वे लोग होम सर्विस प्रोवाइडर है। कस्टमर के घर जाने में खर्च ज्यादा आयगा। जिसके कारण कस्टमर भी नाराज होगा और ज्यादा पैसा मांगने पर भी नाराज होगा। अब समझ नहीं आ रहा है कि व्यवसाय कैसे करें।
ट्रांसपोर्ट पर असर
ट्रांसपोर्टर मनीष कुमार का कहना है कि ट्रक का किराया बढ़ाना पड़ेगा वरना घाटा होगा। माल महंगा होगा तो बाजार में खरीद-बिक्री खुद-ब-खुद घट जाएगी। पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने से महंगाई के साथ-साथ वस्तुओं के दाम बढ़ेगी। माल ढुलाई पर बहुत असर पड़ेगा, जो भी वस्तु दूसरे राज्य से आती है। सबकी कीमत बढ़ जायेगी।
किसानों की चिंता
सेवानिवृत बैंककर्मी शिवप्रकाश सिन्हा का कहना है कि कीमत में बढ़ोतरी स्वाभाविक है। इससे अन्य वस्तुओं की कीमतें भी अपने आप बढ़ जायेगी। इसे राष्ट्रहित को देखते हुये खुद को उसी के अनुसार ढाल लेना चाहिए। जहां तक संभव हो अपनी जरुरत को नियंत्रित करना चाहिए।
ऑटो ड्राइवर विश्वनाथ का कहना है कि पहले से ही विभिन्न चौक चौराहों का 15 रुपये देने में यात्री अनाकानी करते थे। अब तो 20 रुपये लेना होगा। यात्रियों से वाद विवाद होगा। दिनभर काम करने में क्या बचेगा और परिवार का पालन कैसे होगा। दिनोंदिन मुश्किल बढ़ती जा रही है।
कॉलेज छात्रों पर प्रभाव
किसान सुरेन्द्र सिंह का कहना है कि ट्रैक्टर से होने वाली खेती महंगी हो जायेगी। जुताई से लेकर बुआई तक किसान को अधिक खर्च लगेगा। लेकिन जब उसका पैदवार होगा तो उसकी कीमत ही नहीं मिलेगा। अनाज की कीमत नहीं बढ़ी तो किसान बीच में ही पीसे जाएंगे।
कॉलेज छात्रा सुमन सुरभि का कहना है कि कॉलेज जाने में एक तरफ से 20 रुपये आटो से लगता था। डीजल व पेट्रोल का दाम बढ़ने से अब किराया भी बढ़ जायेगा। पॉकेट क्षमता में तो बढ़ोतरी नहीं हुई लेकिन खर्च बढ़ गया है। आने-जाने का खर्च बढ़ने से अब साइकिल का ही सहारा लेना होगा।
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