मैथनॉल वाली दारू कैसे बन गई 'जहर', मोतिहारी शराबकांड में अब तक 7 लोगों की मौत; कई बीमार
मोतिहारी जहरीली शराबकांड में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोगों की हालत गंभीर है, जिनमें से कुछ की आंखों की रोशनी चली गई है। जांच में सामने आया है कि इन लोगों ने शुद्ध मैथनॉल वाली स्प्रिट का सेवन किया था, जिसे शराब माफिया ने दारू के नाम पर बेचा था।

Motihari Liquor Tragedy: बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में जहरीली शराब से मौत का आंकड़ा बढ़कर 7 हो गया है। एक अन्य व्यक्ति के मौत की भी खबर मिल रही है, लेकिन पुष्टि नहीं हो पाई है। वहीं, एक दर्जन से अधिक लोग विभिन्न अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। शराबबंदी वाले बिहार में मैथनॉल से बनी दारू जहर बनकर परोसी जा रही है। मोतिहारी शराबकांड में हुई फॉरेंसिक जांच में भी पुष्टि हुई है कि शराब के नाम पर केमिकल वाला जहर परोसा था। जिस शराब के सेवन से लोगों की मौत हुई और बीमार हुए, उसमें बड़ी मात्रा में शुद्ध मैथनॉल पाया गया।
शनिवार को तुरकौलिया थाना क्षेत्र के शंकर सरैया शेखशरण टोला के निवासी 50 वर्षीय इलियास अंसारी ने भी दम तोड़ दिया। उसे मोतिहारी सदर अस्पताल से पटना रेफर किया गया था। रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद जहरीली शराबकांड में मृतकों की कुल संख्या 7 हो गई।
इनकी भी हो चुकी है मौत-
जयसिंहपुर पुलवाघाट के चंदू प्रसाद, परसौना के प्रमोद यादव एवं परिक्षण मांझी, बालगंगा के संपत साह, हरदिया के हरि भगत, लालकिशोर राय और बालगंगा के मुसहरी टोला निवासी लड्डू साह के रूप में हुई है।
वहीं, लोहा ठाकुर, विनोद साह, राहुल पासवान, रविंद्र यादव, दिनेश यादव, उमेश राम, टुनटुन राय, रावण यादव, दिनेश यादव सहित 15 से ज्यादा लोग बीमार हैं। इनमें से आधे लोगों की आंखों की रोशनी जा चुकी है।फिलहाल मोतिहारी के सदर अस्पताल समेत अन्य हॉस्पिटल में इनका इलाज किया जा रहा है। मरीजों की हालत ज्यादा बिगड़ने परउन्हें पटना के पीएमसीएच रेफर किया जा रहा है।
700 लीटर स्प्रिट बरामद, मोतिहारी में थम गया 'नरसंहार'
जहरीली शराबकांड के सामने आने के बाद पूर्वी चंपारण जिले और आसपास के इलाकों में पुलिस एवं प्रशासन ने बड़े स्तर पर छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान 2 अप्रैल को पिपराकोठी से 700 लीटर स्प्रिट बरामद की गई। इसका सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। इसमें शुद्ध मैथनॉल की पुष्टि हुई।
मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात ने शुक्रवार को बताया कि पिपराकोठी से बरामद स्प्रिट का कुछ हिस्सा तुरकौलिया के परसौना एवं बालगंगा में शराब तस्करों को भेजा गया था। पुलिस ने समय रहते इसे जब्त कर लिया, अन्यथा पूरी खेप की सप्लाई हो जाती तो हजारों लोगों की जान जा सकती थी। ऐसे में, यह किसी नरसंहार से कम नहीं होता।
मोतिहारी शराबकांड में अब तक कई शराब माफिया और तस्करों पर पुलिस ने नकेल कसी है। नागा राय, राजा और जम्मू बैठा को गिरफ्तार किया गया है। नागारय ने परसौना और जम्मू बैठा ने बालगंगा क्षेत्र में जहरीली शराब सप्लाई की थी। उन्हें परसौना के खलीफा और सुनील शाह से मैथनॉल वाली स्प्रिट मिली थी। जबकि पिपराकोठी के शराब माफिया कन्हैया और राजा ने यह 'जहर' मोतिहारी मंगवाया था।
क्यों खतरनाक होते हैं स्प्रिट और मैथनॉल
ये दोनों पदार्थ अल्कोहल ही एक रूप होते हैं। स्प्रिट का उपयोग अधिकतर चिकित्सकीय उपयोग जैसे घाव की सफाई, त्वचा की सफाई, सैनटाइजर और कीटाणुनाशक के रूप में किया जाता है। टॉयलेट क्लीनर में भी इसका उपयोग होता है।
वहीं, मैथनॉल इससे भी ज्यादा घातक होता है। इसका इस्तेमाल ईंधन, इंडस्ट्री और अन्य रासायनिक क्रियाओं में किया जाता है। मैथनॉल का स्वाद एवं गंध शराब की तरह ही होता है। मगर इसकी ज्यादा मात्रा शरीर में पहुंचने पर यह लीवर आदि अंगों पर अटैक करता है। आंखों की रोशनी चली जाती है। लीवर आदि के काम करना बंद करने से मौत भी हो जाती है।
(मोतिहारी से हिन्दुस्तान संवाददाता और एजेंसी के इनपुट के साथ)




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