बिहार के छपरा में जहरीली शराब से ही 5 लोग मरे, जांच में पुष्टि; अब तक 6 गिरफ्तार
इनमें दो का पोस्टमार्टम कराया गया था, जबकि तीन शव पहले ही जला दिए गए। पोस्टमार्टम के साथ बरामद केमिकल की जांच में उसमें मिथाइल अल्कोहल की पुष्टि हुई है। स्पिरिट को शराब बनाने के लिए मिथाइल अल्कोहल का इस्तेमाल किया जाता है।

होली के बाद सारण (छपरा) में पांच लोगों की मौत जहरीली शराब से हुई थी। मृतकों के पास बरामद रसायन की जांच में इसकी पुष्टि हुई है। मंगलवार को एडीजी (मद्य निषेध एवं स्वापक नियंत्रण ब्यूरो) अमित कुमार जैन ने प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों के सवाल पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कांड में 10 अभियुक्त नामजद किए गए थे। इनमें मुठभेड़ के बाद मुख्य अभियुक्त सूरज महतो समेत कुल छह अभियुक्तों की गिरफ्तारी कर ली गयी है। एडीजी ने बताया कि सारण के मशरक और पानापुर में पांच लोगों की मौत हुई थी।
इनमें दो का पोस्टमार्टम कराया गया था, जबकि तीन शव पहले ही जला दिए गए। पोस्टमार्टम के साथ बरामद केमिकल की जांच में उसमें मिथाइल अल्कोहल की पुष्टि हुई है। स्पिरिट को शराब बनाने के लिए मिथाइल अल्कोहल का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद अब तक पानापुर में 1050 लीटर, जबकि मशरक में 650 लीटर स्पिरिट बरामद की जा चुकी है।
2026 में प्रतिमाह औसतन पकड़ी गई दोगुनी शराब
एडीजी अमित कुमार जैन ने बताया कि सितंबर 2025 में मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के गठन के बाद से अवैध शराब की जब्ती में लगातार बढ़ोतरी हुई है। 2024 की तुलना में 2025 में औसतन प्रतिमाह 9 फीसदी तथा 2025 के मुकाबले 2026 में औसत प्रति महीने 18 फीसदी शराब की बरामदगी की गई है। स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के स्तर से बिहार के बाहर जाकर भी बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है।
2025 में राज्य के बाहर 38 छापेमारी हुई, जिसमें झारखंड में 15, उत्तर प्रदेश में 17, छत्तीसगढ़ में चार और मध्य प्रदेश में दो शामिल हैं। इस दौरान 55 वाहन भी जब्त किए गए। 2026 में अब तक उत्तर प्रदेश में दो और झारखंड में एक छापेमारी की गई, जिनमें 25 हजार 997 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है। इस दौरान तीन वाहन जब्त करने के साथ ही पांच लोगों की गिरफ्तारी की गई है।




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