नानी के श्राद्ध से लौट रहे युवक की दर्दनाक मौत, दोस्ती निभाने में दूसरे की भी गई जान
देर रात की होने के कारण दोनों घायल युवक सड़क किनारे ही पड़े रहे। गुरुवार की सुबह जब स्थानीय लोग टहलने के लिए निकले, तो सड़क किनारे दोनों को अचेत अवस्था में देखा। इसके बाद लोगों ने शोर मचाया और आसपास के लोगों को जानकारी दी, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।

Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर-देवरिया मुख्य मार्ग पर गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसे में दो दोस्तों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना बड़कागांव मलंग स्थान के समीप की है, जहां अज्ञात वाहन की ठोकर से बाइक सवार दोनों युवक काल के गाल में समा गए। मृतकों की पहचान वैशाली जिले के सलेमपुर निवासी हरेंद्र राय के पुत्र राजन कुमार (19) एवं नवल राय के पुत्र राकेश कुमार (23) के रूप में हुई है। बताया गया है कि दोनों युवक बाइक से जा रहे थे, तभी देर रात किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी और चालक मौके से फरार हो गया।
घटना देर रात की होने और आसपास किसी के मौजूद नहीं रहने के कारण दोनों घायल युवक सड़क किनारे ही पड़े रहे। गुरुवार की सुबह जब स्थानीय लोग टहलने के लिए निकले, तो सड़क किनारे दोनों को अचेत अवस्था में देखा। इसके बाद लोगों ने शोर मचाया और आसपास के लोगों को जानकारी दी, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर करजा थाना के दारोगा नवीन कुमार सिंह मौके पर पहुंच दोनों शवों को कब्जे में लेकर पहचान की प्रक्रिया पूरी की। करजा थानाध्यक्ष रामकृष्ण परमहंस ने बताया कि परिजनों को सूचना दे दी गई है तथा शवों को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया गया है।
दोस्ती बनी आखिरी सफर, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मुजफ्फरपुर-देवरिया मार्ग पर हुए दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले दोनों युवक न सिर्फ हमउम्र थे, बल्कि गहरे दोस्त भी थे। इस हादसे ने उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतक राकेश कुमार तीन भाइयों में दूसरे स्थान पर था और अभी अविवाहित था। वह दूसरे प्रदेश में गाड़ी चलाने का काम करता था। बताया गया है कि दो दिन पूर्व उसकी नानी का श्राद्ध कार्यक्रम था। इसी सिलसिले में वह मड़वन प्रखंड के रक्सा स्थित अपने ननिहाल आया हुआ था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह परिजन को पहुंचा कर घर वापस लौट रहा था, तभी यह हादसा हो गया।
वहीं, राजन कुमार भी तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। वह दूसरे प्रदेश में एक निजी फैक्ट्री में कार्यरत था। परिवार की जिम्मेदारी उसके कंधों पर थी, क्योंकि उसके पिता का देहांत करीब दो वर्ष पूर्व हो चुका था। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों युवक आपस में गहरे मित्र थे और अक्सर साथ ही आते-जाते थे। इस दर्दनाक घटना ने दोनों परिवारों को एक साथ गम में डुबो दिया है।
शोक की लहर
सलेमपुर पंचायत के मुखिया संजीव कुमार, समाजसेवी कुंदन राय एवं समिति सदस्य संध्या कुमारी सहित अन्य लोगों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए बताया कि दोनों युवक मेहनती और मिलनसार स्वभाव के थे। उनकी असामयिक मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है।




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