नालंदा भगदड़: 34 बच्चों से छिना मां का आंचल; 8 मौत का खौफनाक मंजर गुड़िया देवी की जुबानी
मृतकों में अधिकतर गरीब परिवारों के हैं। एक परिवार तो ऐसा भी है मां ही किसी तरह पूरे परिवार का भरण-पोषण कर रही थी। इनके छोटे-छोटे बच्चों का अब क्या होगा। पीड़ित परिवारों के घरों से सिसकियों की आवाज आज भी गूंज रही है।

बिहारशरीफ के मघड़ा के माता शीतला मंदिर में हुए हादसे में आठ महिलाओं की मौत हो गयी थी। इन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इनके 34 बच्चे अब किसे मां कहेंगे। बच्चे, अभी तक मां की याद में आंसू बहा रहे हैं। इनमें से कई नाबालिग हैं तो कइयों की अभी शादी नहीं हुई है। मां को खोने का दुख इनसे कोई नहीं बांट सकता है। नालंदा की घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संवेदना जताई। डीजीपी विनय कुमार इस घटना के बाद धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा को लेकर ऐक्शन में हैं।
मृतकों में अधिकतर गरीब परिवारों के हैं। एक परिवार तो ऐसा भी है मां ही किसी तरह पूरे परिवार का भरण-पोषण कर रही थी। इनके छोटे-छोटे बच्चों का अब क्या होगा। पीड़ित परिवारों के घरों से सिसकियों की आवाज आज भी गूंज रही है। एक साथ 8 मौत का मातम इलाके को गमगीन बना रहा है।
इनपर आयी आफत
हिलसा के अरपा गांव निवासी मालो देवी के तीन बच्चे हैं। दो बेटे और एक बेटी। बेटी की शादी हो चुकी है। दो बेटे अभी अविवाहित हैं। पिता अनिल केवट मद्रास में मजदूरी करते हैं। अब दो बेटों की देखभाल कौन करेगा। रहुई थाना क्षेत्र के विशुनपर गांव निवासी क्रिंता देवी के दो पुत्र मनोज कुमार, सोनू कुमार और दो पुत्रियां पुतुल कुमारी व रजनी कुमारी है। इस्लामपुर थाना क्षेत्र के मुजफ्फरा गांव निवासी देवंती देवी दो पुत्र लालमोहन और विजय कुमार व दो पुत्रियां प्रियंका और सुधा कुमारी है। नूरसराय थाना क्षेत्र के मथुरापुर निवासी रेखा देवी की तीन पुत्रियां व दो पुत्र हैं। तीनों बेटियों की शादी हो चुकी है। दोनों पुत्र अभी अविवाहित हैं और पढ़ाई कर रहे हैं।
ठोंगा बनाकर परिवार पालती थी गुड़िया
सालूगंज निवासी गुड़िया देवी, पति व चार बच्चों के साथ मायके में ही रहती थी। पति रिक्शा चलाता है। परिवार के लोगों का कहना है कि वह खुद में मस्त रहता है। गुड़िया, बच्चों के साथ ठोंगा बनाकर परिवार का पेट पाल रही थी। मकान इतना जर्जर है कि कभी भी हादसा हो सकता है। सबसे बड़ा पुत्र सन्नी मात्र 15 साल का है। इसके बाद पुत्र छोटे, फिर पुत्री लक्ष्मी कुमारी है। सबसे छोटा सुमीत मात्र 9-10 साल का है। अब इन बच्चों का कौन सहारा है।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा ऑडिट होगी : डीजीपी
बिहारशरीफ के मघड़ा शीतला माता मंदिर में हुई घटना के बाद धार्मिक स्थलों की सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया है। जहां भी इस तरह की भीड़ होती है, वहां गहन रूप से सुरक्षा ऑडिट की जाए। डीजीपी विनय कुमार ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में यह जानकारी दी।
कहा कि इस मुद्दे को लेकर बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष से भी फोन पर बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि शीतला माता मंदिर के निरीक्षण के दौरान मंदिर की संरचना में काफी त्रुटियां मिलीं।
हजार की भीड़ संभालने की व्यवस्था नहीं
कहा गया है कि ऐसी जगह पर 1000 की भीड़ को भी संभालना मुश्किल है। मंदिर प्रबंधन को इन सब चीजों का ध्यान रखना चाहिए। इसको ध्यान में रखते हुए सभी मंदिरों को सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर ऑडिट कराने को कहा गया है। इसमें होल्डिंग एरिया से लेकर सुरक्षा, पेयजल समेत तमाम बातों पर ध्यान रखा जाएगा। न्यास पर्षद यह सुनिश्चित करेगी। शीतला माता मंदिर की आधारभूत व्यवस्था में भी बदलाव होगा।




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