हाथ में जिंदा कोबरा सांप लेकर अस्पताल पहुंचा शख्स, खौफ खाने लगे कर्मचारी; बच गई जान
अरवल जिले के करपी स्थित सीएचसी में बुधवार तड़के 4 बजे एक शख्स हाथ में जिंदा कोबरा पकड़कर अस्पताल पहुंचा। जहरीले सांप को देखते ही पूरे अस्पताल में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य कर्मी भी सांप से खौफ खाते दिखे।

बिहार के अरवल जिले के करपी में बुधवार को एक अधेड़ शख्स हाथ में जिंदा कोबरा सांप लेकर अस्पताल पहुंच गया। यह दृश्य देखकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों में भय का माहौल पैदा हो गया। कुछ देर के लिए अस्पताल परिसर में हड़कंप की स्थिति बन गई। शख्स को सांप ने डस लिया था और उसे पकड़कर वह इलाज कराने के लिए अस्पताल आया।
जानकारी के अनुसार, दक्षिणवारी मठिया गांव निवासी 50 वर्षीय विजय कुमार बुधवार को सुबह लगभग 4 बजे जिंदा कोबरा सांप हाथ में लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। बताया जाता है कि वह दाउदनगर में ग्रामीण चिकित्सक के रूप में कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि वह अपने घर में करकट से बने कमरे में सो रहे थे, तभी अचानक एक कोबरा उनके सीने पर गिर पड़ा। नींद खुलते ही उन्होंने तत्परता दिखाते हुए सांप को हाथ से पकड़ लिया, इसी दौरान कोबरा ने उनकी अंगुली में डस लिया।
सर्पदंश के बावजूद अधेड़ व्यक्ति हिम्मत दिखाते हुए जिंदा सांप को पकड़कर ही अस्पताल पहुंच गए। यह नजारा देखकर स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद कर्मी सहम गए और कुछ समय तक उसके पास जाने से भी कतराते रहे। घटना की सूचना मिलते ही प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शशिकांत कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।
डॉ. शशिकांत कुमार ने तत्परता दिखाते हुए मरीज का उपचार शुरू किया तथा उन्हें एंटी स्नेक वेनम दिया गया। उन्होंने अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का हौसला बढ़ाते हुए उपचार कार्य में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया। चिकित्सकीय देखरेख और समय पर इलाज मिलने से मरीज की स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई और उनकी जान बच गई।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि समय पर उपचार मिलने के कारण मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और उसे किसी प्रकार का खतरा नहीं है। घटना के बाद परिजन में खुशी का माहौल है। इधर, हाथ में जिंदा कोबरा लेकर अस्पताल पहुंचने की यह अनोखी घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
जहरीला सांप डसे तो झाड़-फूंक के चक्कर में ना पड़ें, तुरंत अस्पताल पहुंचे
करपी सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शशिकांत कुमार ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को जहरीला सांप डस ले, तो घबराने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचना चाहिए। समय पर सही इलाज मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करपी में सर्पदंश के इलाज के लिए आवश्यक दवा एंटी स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और चिकित्सा टीम भी पूरी तरह तैयार रहती है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सर्पदंश के मामलों में देरी करना या झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ना जानलेवा साबित हो सकता है। डॉक्टर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई लोग अंधविश्वास के कारण सांप काटने पर पहले झाड़-फूंक कराते हैं, जिससे इलाज में देर हो जाती है और मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे मामलों में वैज्ञानिक और चिकित्सकीय उपायों पर ही भरोसा करें। डॉक्टर ने जानकारी दी कि अब तक करपी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जहरीला सांपों के डंसे कुल 63 मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज कर उनकी जान बचाई जा चुकी है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि समय पर अस्पताल पहुंचने से सर्पदंश का इलाज संभव है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से यह भी आग्रह किया है कि सर्पदंश की स्थिति में पीड़ित को शांत रखें, प्रभावित अंग को ज्यादा हिलाने-डुलाने से बचाएं और बिना समय गंवाए सीधे स्वास्थ्य केंद्र लेकर जाएं। जागरूकता और तत्परता ही इस तरह की आपात स्थिति में जीवन बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है।
(करपी से हिन्दुस्तान संवाददाता की रिपोर्ट)




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