मार दिया तो मार दिया, कौन बड़ी बात है.., दिल्ली पुलिस की गोली से बिहारी की मौत पर जीतन राम मांझी
जीतन राम मांझी ने दिल्ली पुलिस के कॉनस्टेबल की गोली से बिहारी युवक की मौत से संबंधित पूछे गए सवाल पर कहा, ‘ये कौन बड़ी बात है भाई, मार दिया तो मार दिया। मारा गया पुलिस की गोली से तो कोई ऐसी बात होगी। इसकी जांच होगी।'

हाल ही में दिल्ली पुलिस के एक कॉन्स्टेबल की गोली से बिहार के खगड़िया जिले के रहने वाले एक युवक की मौत पर हंगामा मचा हुआ है। बिहार के नेता प्रतिपक्ष ने मंगलवार को कहा था कि दिल्ली पुलिस ने बिहार के युवक की हत्या की और बीजेपी चुप है। अब 26 अप्रैल को दिल्ली पुलिस की गोली से बिहारी युवक पांडव कुमार की मौत पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का एक बयान भी सामने आया है। उनके इस बयान के बाद अब विवाद भी खड़ा हो सकता है। दरअसल जीतन राम मांझी ने कहा है कि मार दिया तो मार दिया कौन बड़ी बात है।
जीतन राम मांझी ने दिल्ली पुलिस के कॉनस्टेबल की गोली से बिहारी युवक की मौत से संबंधित पूछे गए सवाल पर कहा, ‘ये कौन बड़ी बात है भाई, मार दिया तो मार दिया। मारा गया पुलिस की गोली से तो कोई ऐसी बात होगी। इसकी जांच होगी। जांच के बाद अगर मारने वाला गलत होगा तो उसपर आवश्यक कार्रवाई होगी। ये कौन बड़ी बात है भाई, मार दिया तो मार दिया। ऐसे तो कोई जानबूझ कर नहीं। आपको कोई क्यों नहीं मारा है। किसी पर कोई शंका होगी। इसकी जांच होगी। जांच के बाद अगर सचमुच में यूं ही उसको मारा गया तो उसको सजा होगी।’
जब जीतन राम मांझी से तेजस्वी यादव के उस बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई जिसमें राजद नेता ने कहा था कि भाजपा शासन में बिहारी होना गुनाह हो गया है। तब इस पर जीतन राम मांझी ने कहा, 'वो 2005 के पहले का शासन देखें ना अपने पिताजी के राज को। अभी किसलिए देख रहे हैं।
परिजनों से मिले सांसद
इधर नई दिल्ली में खगड़िया निवासी 23 वर्षीय युवक पांडव कुमार की दिल्ली पुलिस द्वारा गोली मारकर हत्या की घटना के बाद मंगलवार को पीड़ित परिजनों से सांसद राजेश वर्मा ने मुलाकात कर अपनी संवेदना जतायी। उन्होंने घटना को अत्यंत निंदनीय और चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना कानून-व्यवस्था और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। खगड़िया के सांसद ने पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें हर संभव न्याय दिलाने का भरोसा दिया। साथ ही पार्टी की ओर से पीड़ित परिजनों को दो लाख रुपये की आर्थिक मदद भी की।
हत्या के बाद लोगों में रोष
खगड़िया जिले के गंगौर थाना क्षेत्र के खड़गी तेरासी गांव के युवक पांडव कुमार की दिल्ली में गत 26 अप्रैल को हुई हत्या को लेकर जिले के लोगों में रोष व्याप्त है। हालांकि हत्या के कारणों के बारे में यहां के लोग जानने को बेताब हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो बताते हैं कि पांडव के पैतृक गांव में कोई भी परिजन अभी नहीं रह रहे हैं। घर में ताला लटके होने की बात कही जा रही है।
स्थानीय लोगों व पुलिस सूत्रों की मानें तो सूचना मिलने के बाद जब उसके घर पर लोग गए तो पता चला कि सभी लोग दिल्ली में ही रह रहे हैं। वही दिल्ली में सांसद पप्पू यादव द्वारा पीड़ित परिवारों से मिलकर सांत्वना व आर्थिक मदद की सराहना की जा रही है। वही बिहार के अन्य जनप्रतिनिधियों से इस मुद्दे पर एकजुट होकर पीड़ित परिवार को सहयोग की मांग जोर पकड़ रही है।
तेजस्वी यादव ने क्या कहा था
दिल्ली में बिहारी युवक की मौत के बाद बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया था कि भाजपा सरकार में बिहारी होना ही सबसे बड़ा अपराध और देशद्रोह हो गया है। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में खगड़िया निवासी 23 वर्षीय युवक पांडव कुमार की सिर्फ इसलिए गोली मार कर हत्या कर दी गई क्योंकि वह ‘बिहारी’ था। ‘बिहारी होने के अपराध’ में ही उसका दोस्त कृष्ण जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। उन्होंने मांग की कि डबल इंजन सरकार जल्द मामले की गहनता से जांच करवाकर दोषियों पर कारवाई करे। पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दे। हत्यारे को सजा दिलाए।




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