आधे से ज्यादा हक जमीन मालिकों का, 15 प्रतिशत एजेंसी बेचेगी; बिहार में ऐसे बसेंगे 11 नए शहर
बिहार में प्रमुख शहरों के पास बसने वाले 11 नए सेटेलाइट टाउनशिप को लेकर भूमि आवंटन नियमावली बन गई है। नए ग्रीनफील्ड शहरों में आधा से ज्यादा हिस्सा जमीन मालिकों का होगा। 22 प्रतिशत जगह पर रोड बनेंगे। 15 फीसदी क्षेत्र एजेंसी बेच सकेगी।

बिहार में बसाए जाने वाले 11 नए सेटेलाइट ग्रीनफील्ड शहरों को लेकर नियमावली तैयार हो गई है। पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, छपरा, सोनपुर, पूर्णिया, सहरसा, दरभंगा, सीतामढ़ी, गयाजी और मुंगेर के पास एकदम नए तरीके से आधुनिक शहर विकसित किए जाएंगे। इसके लिए संबंधित जिलों में ग्रामीण क्षेत्रों की जमीन चिह्नित की गई है। चिह्नित क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है। सरकार की ओर से तय एजेंसी इन क्षेत्रों का विकास कर आधुनिक शहरों में बदलेगी। नई टाउनशिप में किसकी कितनी हिस्सेदारी होगी, यह भी साफ हो गया है।
बिहार में 11 नई सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग ने भूमि आवंटन नियमावली बनाई है। टाउनशिप को विकसित करने के बाद क्षेत्र का आधा से ज्यादा यानी 55 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय जमीन मालिकों को वापस कर दिया जाएगा। इससे उन्हें भी नए शहरों में कमाई का अवसर मिल सकेगा। इन्हें इनकी जमीन की हिस्सेदारी के हिसाब से आवंटित किया जाएगा। यह टाउनशिप क्षेत्र के किसी भी हिस्से में हो सकता है। छोटे जमीन मालिकों के हिस्से में कम कटौती की जा सकेगी, ताकि आवंटित भूमि उनके काम आ सके।
हर स्कीम की वित्तीय व्यवहार्यता ((Financial Feasibility) के आधार पर मूल भूखंड मालिकों (रैयतों) को लौटाई जाने वाली जमीन का अनुपात अलग से निर्धारित किया जा सकता है। दरअसल, नई टाउनशिप में आवासीय और व्यावसायिक उपयोग में ली जाने वाली जमीन की कीमत अलग-अलग होगी। इसलिए यह नियम लगाया गया है।
15 फीसदी जमीन एजेंसी बेचेगी
नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से चयनित एजेंसी इन आधुनिक शहरों का विकास खुद अपने खर्चे पर करेगी। इसकी एवज में आयोजन प्रधिकार या एजेंसी को कुल भूमि में अधिकतम 15 प्रतिशत तक हिस्सेदारी दी जाएगी। इसे एजेंसी बेच सकेगी। यह हिस्सा आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपयोग की जमीन की प्रकृति के अनुसार निर्धारित किया जाएगा।
22 प्रतिशत हिस्से पर सड़क, बाकी पर अन्य सुविधाएं
सेटेलाइट टाउनशिप के 22 फीसदी हिस्से पर सड़क का निर्माण किया जाएगा। नए शहरों में सड़कें पर्याप्त चौड़ी और आधुनिक होंगी। 5 फीसदी जमीन पर पार्क, खेल मैदान, खुला क्षेत्र, स्कूल, अस्पताल, अग्निशमन दल जैसी सार्वजनिक सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। वहीं, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए भी इसमें आवास बनए जाएंगे। इसके लिए 3 फीसदी जमीन का उपयोग होगा।
नए सेटेलाइट शहरों के नाम
- पाटलिपुत्र टाउनशिप, पटना
- मिथिला टाउनशिप, दरभंगा
- सारण टाउनशिप, छपरा
- हरिहरनाथ टाउनशिप, सोनपुर
- विक्रमशिला टाउनशिप, भागलपुर
- तिरहुत टाउनशिप, मुजफ्फरपुर
- मगध टाउनशिप, गयाजी
- पूर्णिया टाउनशिप, पूर्णिया
- सीतापुरम टाउनशिप, सीतामढ़ी
- अंग टाउनशिप, मुंगेर
- कोसी टाउनशिप, सहरसा
(हिन्दुस्तान ब्यूरो की रिपोर्ट के आधार पर)




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