26 मई 2014 से ही... पीएम नरेंद्र मोदी को लालू की लाडली रोहिणी ने हंगर रिपोर्ट पर लपेटा
रोहिणी आचार्या ने कहा है कि हमारे देश पर तो संकट 26 मई , 2014 से ही मंडराना प्रारंभ हो गया था और आज संकट की स्थिति भयावह और विकराल रूप धारण कर महासंकट में तब्दील हो चुकी है।

Ronini Acharya on PM Modi: राष्ट्रीय जनता दल सु्प्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा वार किया है। नीदरलैंड्स में दिए गए उनके एक भाषण पर रोहिणी आचार्या ने पीएम को अपने देश की स्थिति पर ध्यान देने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा है कि अपने देश की गरीबी को नजरअंदाज कर प्रधानमंत्री दुनिया को गरीबी के संकट से आगाह करा रहे हैं।
रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट डालकर पीएम की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि हमारे देश पर तो संकट 26 मई , 2014 से ही मंडराना प्रारंभ हो गया था और आज संकट की स्थिति भयावह और विकराल रूप धारण कर महासंकट में तब्दील हो चुकी है। आपकी कृपा से देश में गरीबी का आलम तो कुछ ऐसा है कि देश के 81.35 करोड़ लोग महीने में मिलने वाले 5 पाँच किलो राशन के भरोसे जिंदगी जीने को मजबूर हैं। इससे ही स्पष्ट है कि हिंदुस्तान की अधिसंख्य आबादी गरीबी रेखा के नीचे या आसपास ही केंद्रित है। आंकड़ों की बाजीगरी की मदद से आपकी सरकार कुछ और दिखा रही है। 2014 में 26 मई को नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी।
रोहिणी ने कहा है कि प्रधानमंत्री बेहतर होता कि दुनिया को गरीबी के संकट से आगाह कराने से पहले आप विश्व बैंक और नीति आयोग के आंकड़ों पर भी गौर फरमा लेते , जिनके मुताबिक हिंदुस्तान में लगभग 27 करोड़ लोग गरीबी में हैं, जिसका अर्थ है कि देश का हर पाँचवा व्यक्ति गरीब है। प्रधानमंत्री जी को शायद ये मालूम भी है या नहीं कि वैश्विक भूख सूचकांक में हिंदुस्तान 127 देशों में से 105वें स्थान पर है और वैश्विक भूख रिपोर्ट, 2024 में इसे चिंताजनक स्थिति घोषित किया गया।
रोहिणी आचार्या ने कहा कि वैश्विक मंचों पर प्रधानमंत्री को गरीबी की बात करते देख हैरानी भी होती है और हंसी भी आती है क्यूंकि, देश में वे कभी भी किसी भी मंच या फोरम से गरीबी की बातें करते नहीं देखे - सुने जाते और ना ही अपनी किसी चुनावी सभा में कभी गरीबी का जिक्र करते हैं। लेकिन, विदेशों में जाकर गरीबी और भूख पर जमकर बात करते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड की राजधानी द हेग में कहा कि दुनिया अभूतपूर्व चुनौतियों की श्रृंखला का सामना कर रही है। पहले कोरोना महामारी आई, फिर युद्ध शुरू हो गए और अब ऊर्जा संकट है। यह दशक दुनिया के लिए आपदाओं का दशक बनता जा रहा है। युद्ध न रुके तो हालात बिगड़ेंगे और दुनिया की बड़ी आबादी गरीबी के दलदल में फंस जाएगी।
पांच देशों के अपने दौरे के दौरान नीदरलैंड में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आगाह किया कि अगर इन स्थितियों को तेजी से नहीं बदला गया, तो पिछले कई दशकों की वैश्विक उपलब्धियां खत्म हो जाएंगी।




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