ये हार नहीं, जीत है; बंगाल में ममता बनर्जी और टीएमसी की पराजय में विजय खोजने लगीं रोहिणी आचार्या
बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी और टीएमसी की हार में लालू की बेटी रोहिणी आचार्या विजय खोज रही है। रोहिणी ने भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों और चुनाव आयोग के सहारे हेराफेरी कर चुनाव जीतने का आरोप लगाया है।

पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी हार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या जीत खोजने लगी हैं। रोहिणी ने कहा कि जो जम्हूरियत (लोकतंत्र) को फासीवादियों के चंगुल से बचाने के लिए फिक्रमंद और प्रयासरत हैं, उनके लिए यह हार नहीं बल्कि जीत है। उन्होंने ममता को आज के दौर की झांसी की रानी बताया और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा कि एक अकेली महिला के खिलाफ प्रधानमंत्री, दर्जनों केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, सैकड़ों सांसदों-विधायकों समेत लाखों लोगों को लगा दिया। फिर भी चुनाव जीतने के लिए हेराफेरी करनी पड़ी।
बिहार की सारण सीट से लोकसभा चुनाव लड़ चुकीं रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि भाजपा ने केंद्रीय एजेंसियों, चुनाव आयोग, सुरक्षा बलों और अकूत पैसे से बंगाल का चुनाव लड़ा। फिर भी जीत हासिल करने के लिए हेराफेरी, धांधली करनी पड़ी।
बंगाल में ममता बनर्जी की हार पर रोहिणी ने कहा, "ये संघर्ष की हार नहीं बल्कि जम्हूरियत को बचाने के लिए लड़ी गई लड़ाई की जीत है, जम्हूरियत को बचाने के लिए उठने वाली हर एक आवाज की जीत है और आगे किस मजबूती से लड़ना है उसके लिए एक और सीख है।"
15 साल बाद सत्ता से बाहर टीएमसी
बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीते डेढ़ दशक से सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी को करारी हार का सामना करना पड़ा। बंगाल में भाजपा ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ जीत दर्ज की है। भाजपा को 206 सीटों पर जीत मिली। वहीं, सत्ताधारी टीएमसी के गठबंधन को 294 में से 80 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। 15 सालों में पहली बार ममता को सत्ता से बाहर हुई हैं।
ममता बनर्जी खुद भी अपनी सीट हारीं
इस चुनाव में टीएमसी के कई दिग्गजों को हार का सामना करना पड़ा। भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी 15 हजार वोटों से ज्यादा के अंतर से चुनाव हार गईं। उन्हें भाजपा के सुबेंदु अधिकारी ने मात दी। सुबेंदु, ममता को पिछले चुनाव में भी नंदीग्राम सीट से हरा चुके हैं।
लालू यादव की पार्टी आरजेडी ने पश्चिम बंगाल का चुनाव नहीं लड़ा था। हालांकि, विपक्षी एकता के नेता आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे थे। तेजस्वी ने एक दर्जन सीटों पर टीएमसी के समर्थन में प्रचार किया था। ममता की सीट भवानीपुर में भी उन्होंने प्रचार किया, लेकिन टीएमसी को जीत नहीं दिलवा सके।




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