1700 किलोमीटर दूर 6 लोगों की 'अकाल मौत', इंदौर अग्निकांड में बिखरा किशनगंज का परिवार
इंदौर अग्निकांड में बिहार के किशनगंज निवासी कॉस्मेटिक व्यापारी विजय सेठिया का परिवार बिखर गया। विजय, उनकी पत्नी, बेटी, नाती, नातिन और भतीजे की इस घटना में दर्दनाक मौत हो गई।

मध्य प्रदेश के इंदौर में ईवी कार में आग और गैस सिलेंडर ब्लास्ट से हुए भीषण अग्निकांड में बिहार के किशनगंज निवासी व्यापारी विजय सेठिया का परिवार पूरी तरह बिखर गया। विजय, उनकी पत्नी, बेटी समेत परिवार के 6 लोगों की इस घटना में मौत हो गई। इंदौर से लगभग 1700 किलोमीटर दूर किशनगंज में इस घटना से मातम छाया हुआ है। सेठिया का परिवार इंदौर में अपने रिश्तेदार के यहां गया था। बुधवार अहले सुबह घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक (ईवी) कार की चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट हो गया। पहले कार में आग लगी, फिर वहां रखे 15 गैस सिलेंडर फटने लगे। घर के अंदर सो रहे लोग दरवाजे पर लगा डिजिटल लॉक ना खुलने से बाहर नहीं निकल सके और उनकी मौत हो गई।
इंदौर में बंगाली चौराहे के पास ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में स्थित तीन मंजिला मकान में आग लगने से कुल 7 लोगों की मौत हुई, जिनमें 6 बिहार के रहने वाले थे। मृतकों में किशनगंज निवासी विजय सेठिया, उनकी पत्नी सुमन देवी, बेटी रुचिका, नाती तन्मय जैन, नातिन राशि जैन और भतीजा कार्तिक सेठिया शामिल हैं। विजय की उम्र लगभग 65 साल थी। हादसे में मारे गए उनके नाती-नातिन 6-12 साल के थे। ये सभी इंदौर निवासी मनोज पुगलिया के यहां गए थे। उनकी भी जिंदा जलकर मौत हो गई।
विजय सेठिया किशनगंज शहर के धर्मशाला रोड स्थित मकान में अपने परिवार के साथ रहते थे। सुबह जब इंदौर में हुई घटना की जानकारी मिली तो उनके घर में कोहराम मच गया। परिवार के एक साथ 6 लोगों की अकाल मृत्यु पर कोई यकीन नहीं कर पा रहा था। सुबह से उनके घर पर लोगों का आना-जाना लगा रहा।
इंदौर में इलाज करा रहे थे विजय सेठिया
बताया जा रहा है कि विजय सेठिया बीते एक महीने से इंदौर में अपना इलाज करा रहे थे। वह अपने बहनोई मनोज पुगलिया के मकान में ठहरे हुए थे। उनकी पत्नी सुमन देवी भी साथ थी। मंगलवार को उनसे मिलने और पारिवारिक समारोह में शरीक होने किशनगंज से उनकी बेटी, नाती-नातिन और भतीजा कार्तिक सेठिया इंदौर पहुंचा था। बुधवार सुबह सभी की मौत की खबर आ गई।
डिजिटल लॉक बन गया काल
किशनगंज में विजय सेठिया के परिजन ने बताया कि इंदौर स्थित मनोज पुगालिया के घर के दरवाजों पर डिजिटल लॉक लगा था। घटना के वक्त घर में सभी लोग सो रहे थे। कार में आग लगने के बाद जैसे ही गैस सिलेंडर फटने लगे तो घर की बिजली सप्लाई बाधित हो गई। इससे दरवाजों पर लगे डिजिटल लॉक ने काम करना बंद कर दिया। आशंका जताई जा रही है कि परिवार के लोग अपनी जान बचाने के लिए बाहर नहीं निकल पाए और उनकी अंदर ही जिंदा जलकर मौत हो गई।
फ्लाइट से इंदौर गए परिजन
विजय सेठिया के भाई राजेश और बेटा विकास सहित परिवार के अन्य लोग बुधवार को खबर मिलते ही तुरंत इंदौर के लिए रवाना हो गए। वे पश्चिम बंगाल के बागडोगरा से फ्लाइट पकड़कर इंदौर पहुंच रहे हैं। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। साथ ही शहर के लोग भी इस घटना को सुनकर स्तब्ध हैं।
इस घटना पर बिहार के उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष त्रिलोकचंद जैन, तेरापंथ समाज के वरिष्ठ श्रावक व उद्योगपति डॉ. राजकरण दफ्तरी, माता गुजरी यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. इच्छित भारत, एमआरएफ टायर शोरूम के संचालक संजय जैन, जदयू जिलाध्यक्ष शाह फैसल, विहीप के जिलाध्यक्ष मनोज गट्टानी, समाजसेवी टीटू बदवाल, डेंटल सर्जन डॉ.एस रहमान सहित सभी समाज के लोगों ने गहरी संवेदना प्रकट की है।
(किशनगंज से वरीय संवाददाता और हिन्दुस्तान टीम की रिपोर्ट)




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