विक्रमशिला सेतु का संपर्क टूटने से बढ़ा गंगा घाट अगुवानी पर दबाव
भागलपुर स्थित विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने से गंगा घाट अगुवानी-सुल्तानगंज के बीच नाव पर यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। ओवरलोड नावों के संचालन से यात्रियों की सुरक्षा को खतरा है। स्थानीय लोगों ने सरकार से मरम्मत और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की मांग की है।

परबत्ता । एक प्रतिनिधि भागलपुर स्थित विक्रमशिला सेतु के पाया संख्या 133 के पास बने स्ट्रक्चर पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर गंगा नदी में समाहित हो जाने से खगड़िया-भागलपुर सीमा क्षेत्र स्थित जिले के गंगा घाट अगुवानी-सुल्तानगंज के बीच आवाजाही के लिए संचालित नाव पर काफी दवाब बढ़ गया है। इस घटना बाद अगुवानी-सुल्तानगंज गंगा घाट पर नौका से यात्रा करने वाले की भीड़ उमड़ने लगी है। सोमवार की सुबह से ही अगुवानी घाट पर यात्रियों का हुजूम देखा गया। जरूरी कामकाज, इलाज, नौकरी और व्यवसायिक गतिविधियों के लिए लोगों को घाट पर नाव का इंतजार करना पड़ा। स्थिति यह रही कि कई नावों पर क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर गंगा पार कराया गया। जिससे हादसे की आशंका भी लोगों के बीच बनी हुई है। प्रशासनिक निगरानी के अभाव में ओवरलोड नौकाओं का संचालन लोगों के लिए जान जोखिम में डालने जैसा साबित हो रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों की राय
स्थानीय ग्रामीण सतीश मिश्रा, राजीव कुंवर, नारदा यादव, झींगो पंडित आदि ने बताया कि विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने से अब उत्तरी क्षेत्र के लोगों क़ो गंगा पार कर भागलपुर, बांका, तारापुर आदि की ओर जाने के लिए लोगं क़ो काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इस घटना बाद पुल मार्ग बाधित होने से आमलोगों को भारी आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। खासकर छात्र, मरीज और रोजाना सफर करने वाले कामगार लोग सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। वहीं दूसरी ओर नौका संचालकों और व्यवस्थापकों की बल्ले-बल्ले हो गई है। यात्रियों की भीड़ बढ़ने से घाट पर नावों का परिचालन तेज हो गई है और किराए में भी मनमानी की शिकायतें सामने आने लगी हैं। स्थानीय लोगों ने बिहार सरकार और संबंधित विभाग से विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से की अविलंब मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में हालात और भयावह हो सकती हैं। लोगों ने प्रशासन से गंगा घाट अगुवानी में सुरक्षित वैकल्पिक आवागमन व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है।
क्या है परेशानी
गंगा घाट अगुवानी में यात्रियों की सुरक्षा के लिये कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। प्रशानिक व्यवस्था नहीं रहने के कारण नाविक क्षमता से अधिक यात्रियों क़ो चढाकर गंगा पार कराते हैं। भीड़ में यात्रियों की सुरक्षा क़ो देखते हुए प्रशासन क़ो गंगा घाट अगुवानी सुल्तानगंज के बीच सरकारी स्तर बोट चलाने की आवश्यकता है।
बोले अधिकारी
गंगा घाट अगुवानी में भीड़ क़ो देखते हुए उच्चाधिकारी के निर्देश के आलोक में जल्द प्रशानिक व्यवस्था की जाएगी।
संतोष कुमार पंडित, बीडीओ, परबत्ता।
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