Traffic Surge After Vikramshila Setu Damage Concerns Over Safety and Costs विक्रमशिला सेतु के टूटने से श्रीकृष्ण सेतु का ट्रैफिक 6 गुना बढ़ा,, Munger Hindi News - Hindustan
More

विक्रमशिला सेतु के टूटने से श्रीकृष्ण सेतु का ट्रैफिक 6 गुना बढ़ा,

भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद गंगा पार यातायात का बोझ श्री कृष्ण सेतु पर आ गया है, जिससे जाम और दुर्घटनाएं बढ़ने का खतरा है। ट्रैफिक में 5-6 गुना वृद्धि हुई है, जिससे यात्रा की दूरी और समय बढ़ गया है और किराए में भी वृद्धि हो सकती है।

Mon, 4 May 2026 10:04 PMNewswrap हिन्दुस्तान, मुंगेर
share
विक्रमशिला सेतु के टूटने से श्रीकृष्ण सेतु का ट्रैफिक 6 गुना बढ़ा,

मुंगेर, एक संवाददाता। भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद गंगा पार आवागमन का पूरा बोझ अब श्री कृष्ण सेतु पर आ गया है। अचानक बढ़े ट्रैफिक के कारण स्थिति गंभीर होती जा रही है। प्रशासन की ओर से पर्याप्त तैयारी नहीं होने के चलते जाम, दुर्घटना और संरचनात्मक खतरे की आशंका बढ़ गई है। इसके साथ ही अब भागलपुर से विक्रमशिला सेतु आर-पार विभिन्न रूटों की यात्रा करने वाले यात्रियों के पॉकेट में पर भार भी बढ़ाने की संभावना बढ़ गई है। क्योंकि, उनके गंतव्य की दूरी बढ़ गई है。

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:पूर्णिया से भागलपुर के लिए जाने वाली सरकारी बस नवगछिया तक

ट्रैफिक में 5-6 गुना वृद्धि, व्यवस्था नाकाफी:

विक्रमशिला सेतु के बंद होने के बाद श्री कृष्ण सेतु पर वाहनों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है। सामान्य दिनों की तुलना में ट्रैफिक 5 से 6 गुना तक बढ़ चुका है, जिसमें भारी वाहनों की संख्या भी शामिल है। सुबह से शाम तक लगभग 5000 वहां स्कूल से होकर गुजर चुके हैं। हालांकि, इस अचानक बढ़े हुए दबाव को संभालने के लिए प्रशासनिक स्तर पर मुंगेर में फिलहाल कोई विशेष इंतजाम नहीं किए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस की तैनाती पूर्व की तरह सीमित है और मार्गदर्शन के अभाव में वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। इससे पीक ऑवर्स में जाम की स्थिति लगातार बन रही है। सुबह में लगभग 1 घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। ऐसे में, यदि यह स्थिति लगातार बनती है और पुल पर बनती है तो इससे पुल की संरचना पर गंभीर असर पड़ सकता है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:हवेली खड़गपुर में जाम ने लोगों को कर रखा है परेशान

रूट डायवर्जन से बढ़ी दूरी एवं समय, किराए में वृद्धि तय:

विक्रमशिला सेतु से गुजरने वाले वाहनों का रूट डायवर्ट कर श्री कृष्ण सेतु की ओर मोड़ दिया गया है। इससे यात्रा की दूरी और समय दोनों में वृद्धि हुई है। पहले जहां भागलपुर से जीरो माइल, नौगछिया तक जाने में लगभग आधा घंटा का समय लगता था, वहीं अब भागलपुर से चलकर मुंगेर एवं खगड़िया से होते हुए जीरो माइल, नौगछिया तक जाने में लगभग 4 घंटे समय लगेंगे। इस भी हुई दूरी एवं समय का प्रभाव हर चीज पर पड़ना तय है। हालांकि, मुंगेर से नौगछिया एवं पूर्णिया की ओर जाने वालों के लिए बहुत अधिक फर्क पड़ने वाला नहीं है। क्योंकि मुंगेर से यात्रा शुरू करने वालों के लिए दूरी एवं समय में बहुत अधिक फर्क नहीं पड़ेगा। इसके बावजूद, आने वाले समय में परिवहन का भाड़ा बढ़ सकता है।

परिवहन व्यवसायियों का कहना है कि, अतिरिक्त ईंधन खर्च और समय की बर्बादी के कारण किराए में बढ़ोतरी करना मजबूरी होगी:

ऐसे में, इसका सीधा असर आम यात्रियों और व्यापारियों पर पड़ेगा। दैनिक जरूरतों की वस्तुओं के दाम भी प्रभावित होंगे, जिससे महंगाई का दबाव आम लोगों पर बढ़ जाएगा।

पुल की संरचना पर खतरा, जाम से बढ़ेगी परेशानी:

विशेषज्ञों के अनुसार, श्री कृष्ण सेतु एवं इससे जुड़े सड़क पर वर्तमान परिस्थिति में एकाएक अत्यधिक भार पड़ने लगा है। लगातार भारी वाहनों की आवाजाही और जाम की स्थिति पुल की संरचना के साथ-साथ सड़क को भी नुकसान पहुंचा सकती है। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो पुल के क्षतिग्रस्त होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। जाम की स्थिति में आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं, जिससे जन-जीवन पर गंभीर असर पड़ सकता है।

दुर्घटना की आशंका बढ़ी, प्रशासनिक हस्तक्षेप जरूरी:

बढ़ते ट्रैफिक दबाव और अव्यवस्थित यातायात के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी काफी बढ़ गई है। ओवरलोडेड वाहन, जल्दबाजी में ओवरटेकिंग और जाम के दौरान अव्यवस्था हादसों को न्योता देने लगी है। स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों ने प्रशासन से मांग की है कि, जल्द- से- जल्द अतिरिक्त ट्रैफिक बल की तैनाती, वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था और पुल की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति भयावह हो सकती है।

कहते हैं अधिकारी:

बढ़े हुए ट्रैफिक के कारण श्री कृष्ण सेतु की संरचना पर कोई प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। क्योंकि, पुल का स्ट्रक्चर इस बढ़े हुए ट्रैफिक को झेलने में सक्षम है। इसमें तकनीकी बात यह है कि, पुल की संरचना इस तरह से बनाई जाती है कि, गतिशील वाहनों का का दुष्प्रभाव पुल पर नहीं पड़ता है, चाहे वह कितना भी भारी क्यों ना हो। लेकिन, यदि पुल पर जाम की स्थिति हो जाती है और भारी संख्या में वाहन खड़े हो जाते हैं तो पुल क्षतिग्रस्त हो सकता है। इस स्थिति से बचने के लिए लिए ट्रैफिक की मॉनिटरिंग जरूरी है।

-मनीष कुमार, परियोजना निदेशक,

एनएचएआई, भागलपुर

मुंगेर से भागलपुर होकर नौगछिया एवं पूर्णिया जाने की तुलना में खगड़िया से होकर पूर्णिया जाने में दूरी में लगभग 35 से 40 किलोमीटर की वृद्धि हुई है। इसे फिलहाल यात्रा समय में वृद्धि हुई है, लेकिन किराया में कोई वृद्धि नहीं की गई है। आने वाले समय में किराया में वृद्धि से इनकार नहीं किया जा सकता है।

-संजय सिन्हा, प्रतिष्ठान अधीक्षक,

बीएसआरटीटीसी, मुंगेर

अचानक बढ़े हुए ट्रैफिक का असर निश्चित रूप से सड़क पर पड़ेगा। इससे सड़क जबरदस्त दबाव पड़ेगा और सड़क क्षतिग्रस्त हो सकता है। इसके साथ ही परिवहन व्यवस्था में भी परेशानी होगी।

-रामप्रवेश चौधरी, सहायक अभियंता,

एनएच

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:विक्रमशिला सेतु हादसा : नवगछिया-भागलपुर के बीच स्टीमर सेवा होगी शुरू

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।