बकरीद पर शांति और सौहार्द बनाए रखने को प्रशासन अलर्ट
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कटिहार, वरीय संवाददाता ईद-उल-जोहा (बकरीद) पर्व को आपसी भाईचारा, गंगा-जमुनी तहजीब और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। शनिवार को विकास भवन सभागार में जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक शेखर चौधरी की संयुक्त अध्यक्षता में शांति समिति, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी 28 मई को मनाए जाने वाले बकरीद पर्व को लेकर विधि-व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह, उकसावे या शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बैठक की शुरुआत शांति समिति के सदस्यों द्वारा सुझाव और पिछले वर्षों के अनुभव साझा करने से हुई। अनुमंडल पदाधिकारी कटिहार सदर ने जानकारी दी कि बकरीद का कार्यक्रम 28 मई से 30 मई तक चलने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने अभी से सभी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया है。
कटिहार की पहचान आपसी भाईचारे और सौहार्द से
महापौर उषा देवी अग्रवाल ने कहा कि कटिहार की पहचान आपसी भाईचारे और सौहार्द से रही है तथा इस वर्ष भी सभी समुदाय मिलकर शांतिपूर्ण ढंग से पर्व मनाएंगे। वहीं उप महापौर मंजूर खान ने भरोसा दिलाया कि पूर्व वर्षों की तरह इस बार भी बकरीद सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होगी। पुलिस अधीक्षक ने बैठक में मौजूद सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, थाना अध्यक्षों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक जल्द पूरी कर लें तथा जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों से समन्वय बनाकर रखें। उन्होंने कहा कि बकरीद के दौरान कुर्बानी की परंपरा तीन दिनों तक चलती है, इसलिए मिश्रित आबादी वाले इलाकों, ईदगाहों, मस्जिदों और संवेदनशील स्थलों पर विशेष चौकसी रखी जाएगी।
प्रशासन ने सभी थानाध्यक्षों और ओपी अध्यक्षों को साम्प्रदायिक तनाव फैलाने वाले चिन्हित व्यक्तियों और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी विशेष मॉनिटरिंग की जाएगी। अफवाह फैलाने वाले या भ्रामक पोस्ट करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बलकी होगी तैनाती
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिन ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती नहीं होगी, वहां चौकीदार-दफादार सक्रिय रहेंगे तथा पुलिस लगातार गश्ती करेगी। पर्व के दौरान दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, सशस्त्र बल और लाठी बल को अपने-अपने प्रतिनियुक्ति स्थल पर समय से मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है। जिला पदाधिकारी ने खास तौर पर उन स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया, जहां सामूहिक नमाज अदा की जाएगी। उन्होंने कहा कि ईदगाह और मस्जिदों तक आने-जाने वाले रास्तों पर किसी भी प्रकार का तनाव उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह चौकस रहेगा। साथ ही सभी बीडीओ, सीओ और थानाध्यक्षों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया गया।
यातायात व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन गंभीर
यातायात व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन गंभीर दिखा। एसपी ने डीएसपी ट्रैफिक को निर्देश दिया कि सभी चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक पुलिस को एक्टिव मोड में रखा जाए ताकि त्योहार के दौरान लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। बैठक में नगर आयुक्त संतोष कुमार, उप विकास आयुक्त अमित कुमार, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला स्तरीय अधिकारी, दंडाधिकारी, बीडीओ, सीओ, थाना अध्यक्ष और शांति समिति के सदस्य मौजूद थे।
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