जेपी गंगा पथ अब कोईलवर से बक्सर तक, 14 हजार नए जेब्रा क्रॉसिंग बनाने का भी प्लान
जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि जेपी गंगा पथ को कई सदस्यों के द्वारा मरीन ड्राइव कहा जा रहा है। इसे मुंबई के मरीन ड्राइव से जोड़कर बोला जा रहा है। पर, हकीकत है कि अब महाराष्ट्र के लोग भी कहते हैं कि जेपी गंगा पथ की तरह सुंदर और आकर्षक मरीन ड्राइव बनना चाहिए।

जेपी गंगा पथ का विस्तार कोईलवर से आगे बक्सर तक करने की मांग विधानसभा में बुधवार को उठी। साथ ही नारायण नदी के किनारे सोनपुर हरिहरनाथ क्षेत्र से गोपालगंज होते हुए वाल्मीकिनगर तक इस तर्ज पर पथ निर्माण करने की भी मांग हुई। इस पर पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि सरकार वाटरवेज बना रही है, जिससे गंगा नदी में बक्सर से फरक्का तक जाने का सपना पूरा होगा। गंगा पर पानी जहाज के माध्यम से सस्ता और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। विधानसभा में विधायक मिथिलेश तिवारी ने प्रश्नकाल में उक्त विषय अपनी मांग रखी थी।
इस दौरान जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि जेपी गंगा पथ को कई सदस्यों के द्वारा मरीन ड्राइव कहा जा रहा है। इसे मुंबई के मरीन ड्राइव से जोड़कर बोला जा रहा है। पर, हकीकत है कि अब महाराष्ट्र के लोग भी कहते हैं कि जेपी गंगा पथ की तरह सुंदर और आकर्षक मरीन ड्राइव बनना चाहिए। इसलिए मेरा सभी से आग्रह है कि जेपी गंगा पथ को मरीन ड्राइव नहीं कहें। गंगा पथ ही अब बेहतर मानक बन गया है। इसे गंगा पथ की सभी लोग कहें।
फल्गु नदी से जुड़ेगी जलवार नदी
जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने विधानसभा में कहा कि जलवार नदी और फल्गु मोहानी नदी को जोड़ा जा रहा है। जल संसाधन विभाग इन दोनों नदियों को जोड़ने पर कार्य शुरू कर दिया है। विधायक रुहेल रंजन के सवाल पर मंत्री सरकार का उत्तर दे रहे थे।
14 हजार नए स्थानों पर जेब्रा क्रॉसिंग बनेगी
बिहार में पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए पथ निर्माण और अन्य विभागों ने जेब्रा क्रॉसिंग निर्माण के लिए लगभग 14 हजार नए स्थल चिन्हित किये हैं। इन चिन्हित स्थलों पर 30 अप्रैल तक जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण एवं पेंटिंग का कार्य पूर्ण कराया जाएगा। इस संबंध में विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने संबंधित विभागों एवं प्राधिकरणों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि निर्धारित समय-सीमा के अंदर सभी चयनित स्थलों पर मानक अनुरूप जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण सुनिश्चित किया जाए। राज्य में पूर्व से पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य और एनएचएआई की ओर से लगभग 9500 जेब्रा क्रॉसिंग बनाया गया है।
परिवहन विभाग, बिहार सड़क सुरक्षा परिषद ने जेब्रा क्रॉसिंग निर्माण के लिए विभिन्न विभागों से चयनित स्थलों की सूची मांगी थी। इसके बाद पथ निर्माण विभाग ने 342 नए स्थलों की सूची सौंपी। जबकि ग्रामीण कार्य विभाग ने 12 हजार 858 और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) ने 88 स्थलों पर जेब्रा क्रॉसिंग के निर्माण का प्रस्ताव परिवहन विभाग को दिया। सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन एवं दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से विकास आयुक्त की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में राज्यभर में जेब्रा क्रॉसिंग निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गई।
बताया गया कि राज्य में चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों, विद्यालयों, अस्पतालों, बाजार क्षेत्रों तथा अधिक यातायात वाले प्रमुख चौराहों के निकट जेब्रा क्रॉसिंग के निर्माण से पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सड़क पर सबसे पहला अधिकार पैदल यात्रियों का है। सुरक्षित, व्यवस्थित यातायात राज्य सरकार की प्राथमिकता है। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों एवं स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण कराया जाना आवश्यक है। विभाग का मानना है कि स्पष्ट, चौड़ी एवं मानक के अनुरूप पेंट की गई जेब्रा क्रॉसिंग सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्रभावी माध्यम है।




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