दिल्ली भी देने लगा संकेत? रिजर्व बैंक के गवर्नर नीतीश और सम्राट से मिले, विजय या वित्त मंत्री से नहीं
CM Nitish Samrat Choudhary News: रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा शुक्रवार को पटना में सिर्फ नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी से मिलने गए। नए सीएम की ताजपोशी से पहले इसे दिल्ली का संकेत माना जाए या नहीं, ये चर्चा होने लगी है।

बिहार में कुछ दिनों के अंदर नीतीश कुमार की जगह पर पहली बार अपने नेता को मुख्यमंत्री बनाने को तैयार दिख रही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अंदर सीएम की रेस चल रही है। राज्य में पार्टी के कई नेता भाजपा विधायक दल की अप्रैल के पहले या दूसरे हफ्ते में संभावित बैठक में अपने नाम की पर्ची निकलने की उम्मीद में हैं। इस बीच भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा की पटना में शुक्रवार को दो औपचारिक मुलाकात ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। रिजर्व बैंक की बोर्ड मीटिंग के लिए पटना आए गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मुख्यमंत्री आवास जाकर सीएम नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी के आवास जाकर भाजपा के एक ही डिप्टी सीएम से मुलाकात की। मुलाकात की फोटो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात पर चर्चा होने लगी है कि क्या इसे दिल्ली से भाजपा का अगले सीएम को लेकर कोई संकेत माना जाए या नहीं।
बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में चल रही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार में इस समय दो उप-मुख्यमंत्री हैं और दोनों भाजपा कोटे से हैं। रिजर्व बैंक गवर्नर संजय मल्होत्रा की दूसरे डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा से मुलाकात नहीं हुई। वित्त मंत्री जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के सबसे सीनियर नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव हैं। आरबीआई गवर्नर ना दूसरे उप-मुख्यमंत्री विजय सिन्हा से मिलने गए और ना ही वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव से। गुणा-गणित करने वाले रिजर्व बैंक के गवर्नर के एक डिप्टी सीएम से मिलने और दूसरे को छोड़ देने का मतलब समझने और समझाने में लगे हैं।
लोगों के बीच बहस हो रही है कि आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा को सीएम नीतीश कुमार के बाद अगर किसी से मिलना ही था, तो सबसे पहला नंबर वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव का आता था। जब सीएम से मिल ही लिए थे, तो फिर उप-मुख्यमंत्री से मिलने की क्या जरूरत थी। और जब उप-मुख्यमंत्री के स्तर पर मिलने लगे तो एक से मिलकर दूसरे को क्यों छोड़ दिया। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के पास गृह विभाग है, जबकि डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के पास राजस्व, भूमि सुधार, खनन जैसे विभाग हैं। एक तबका है जो इसे अगले मुख्यमंत्री के तौर पर सम्राट चौधरी की दावेदारी के पक्ष में गिन रहा है और इसे केंद्र में सरकार चला रही भाजपा के नेतृत्व का संकेत मान रहा है।
नए सीएम के चयन को लेकर एनडीए में 26 मार्च के बाद हलचल तेज होगी
नीतीश कुमार के सीएम पद छोड़ने के बाद बिहार की बागडोर और एनडीए सरकार की कमान संभालने वाले नेता की तलाश 26 मार्च के बाद तेज होगी। नीतीश कुमार इस समय समृद्धि यात्रा कर रहे हैं और इस यात्रा के दौरान कई जिलों में मंच पर सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर इस तरह का माहौल बना रहे हैं, मानो बता रहे हों कि उनके बाद कौन। भाजपा और जदयू के नेताओं ने साफ किया है कि इस पर एनडीए में अभी कोई चर्चा नहीं हुई है। 26 मार्च के बाद इस पर चर्चा होगी। नए सीएम के चयन में नीतीश कुमार की पसंद और भूमिका को लेकर अलग-अलग नेताओं की राय भी अलग है। कुछ कह रहे हैं कि नीतीश जिसे चाहेंगे, वो सीएम बनेगा। कुछ कह रहे हैं कि गठबंधन के अंदर सब मिलकर नया सीएम चुनेंगे।




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