यूपी से रेलवे ट्रैक पर चलकर बिहार आ रहे 3 मजदूरों को इंदौर-पटना एक्सप्रेस ने रौंदा, मौत से कोहराम
मृतकों में मुजफ्फरपुर जिले के केरमा-डीह निवासी 32 वर्षीय जयनाथ साहनी, 35 वर्षीय गुलशन राम तथा वैशाली जिले के 35 वर्षीय पप्पू सिंह शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

रेलवे ट्रैक पर चलकर उत्तर प्रदेश से बिहार आ रहे तीन मजदूर ट्रेन की चपेट में आ गए और इस घटना में तीनों की मौत हो गई है। दरअसल पटना-दीनदयाल उपाध्यायनगर रेलखंड पर रविवार देर शाम तीन मजदूरों की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। तीनों चौसा पावर प्लांट के एक कंपनी में काम करते थे। घटना के बाद प्लांट में काम करने वाले मजदूरों के बीच शोक की लहर दौड़ गई और पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। बताया जाता है कि तीनों मजदूर निजी काम से उत्तर प्रदेश के गहमर गए थे और वहां से रेलवे ट्रैक के सहारे लौट रहे थे। इसी दौरान गहमर और बारा कलां हाल्ट के बीच पोल संख्या 678/28 के पास इंदौर-पटना एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना मिलते ही राजकीय रेल पुलिस और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जांच के दौरान आधार कार्ड के माध्यम से मृतकों की पहचान की गई। मृतकों में मुजफ्फरपुर जिले के केरमा-डीह निवासी 32 वर्षीय जयनाथ साहनी, 35 वर्षीय गुलशन राम तथा वैशाली जिले के 35 वर्षीय पप्पू सिंह शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं पावर प्लांट में काम करने वाले मजदूरों के बीच गहरा शोक व्याप्त हो गया। सोमवार को प्लांट परिसर में सन्नाटा पसरा रहा और कामकाज भी प्रभावित रहा।
मजदूर नेता रामप्रवेश सिंह यादव ने घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। पुलिस द्वारा सभी मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दिए जाने के बाद उनके परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं पावर प्लांट में काम करने वाले सभी मजदूरों के बीच मातम पसर गया। इस वजह से सोमवार को पूरे दिन पावर प्लांट परिसर में सन्नाटा पसरा रहा और सभी मजदूर इस घटना से दुखी दिखाई दिए। इस वजह से काम की गति धीमी रही। इंटक के प्रदेश महासचिव और मजदूर नेता रामप्रवेश सिंह यादव बताया कि गहमर के पास हुए ट्रेन हादसे में पावर प्लांट में काम करने वाले तीन मजदूरों की मौत से पावर प्लांट में काम करने वाले मजदूरों में शोक व्याप्त रहा।




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