बिहार की लाखों महिलाओं के 10-10 हजार रुपये अटके, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में फंसा पेच
Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana:जीविका ने आवेदनों का सत्यापन कर उनके समूह बनाने का आग्रह नगर विकास एवं आवास विभाग से किया है। 10 से 12 महिलाओं का समूह बनेगा। इसके बाद ही संबंधित महिला जीविका सदस्य मानी जाएंगी।
Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana: बिहार की 18 लाख शहरी महिलाओं के आवेदन का सत्यापन अब तक पूरा नहीं हो पाया है। इस कारण इन महिलाओं को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत मिलने वाली 10-10 हजार रुपये की राशि अटक गई है। नगर निकायों के जरिए आवेदनों का सत्यापन तथा इसके बाद उनका समूह बनाने का कार्य किया जा रहा है। इस संबंध में जीविका के पदाधिकारी बताते हैं कि हमलोगों को सूची का इंतजार है। नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा सूची सौंपे जाने के बाद हमलोग महिलाओं के बैंक खातों में राशि जल्द हस्तांतरित करेंगे। हालांकि, पदाधिकारी यह भी बताते हैं कि चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पहले अर्थात 31 मार्च, 2026 तक इन्हें राशि का भुगतान करना मुश्किल लग रहा है।
ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों के सत्यापन का कार्य 15 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य था, पर अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। सभी आवेदन शहरी क्षेत्र की महिलाओं के हैं। इसलिए जीविका ने आवेदनों का सत्यापन कर उनके समूह बनाने का आग्रह नगर विकास एवं आवास विभाग से किया है। 10 से 12 महिलाओं का समूह बनेगा। इसके बाद ही संबंधित महिला जीविका सदस्य मानी जाएंगी।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में लाभुकों के लिए जीविका का सदस्य होना अनिवार्य है। यह राशि महिलाओं को उनके पसंद के रोजगार शुरू करने के लिए दी जा रही है। मालूम हो कि योजना में अब तक एक करोड़ 81 लाख महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये हस्तांतरित कर दिये गए हैं। इन महिलाओं द्वारा कौन-कौन से रोजगार शुरू किए गए हैं, इसका सर्वे भी शुरू हो गया है। इसके बाद महिलाओं के रोजगार का आकलन किया जाएगा और जिनका रोजगार बेहतर चल रहा होगा, उन्हें अतिरिक्त दो लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।
आपको बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत बिहार में फरवरी के महीने में करीब 25 लाख महिलाओं के खाते में 2500 करोड़ रुपये भेजे गए थे। इसके पूर्व एक करोड़ 50 लाख लाभुक महिलाओं के खाते में 15 हजार 600 करोड़ रुपये की राशि हस्तांरित की जा चुकी है। अब कुल मिलाकर एक करोड़ 81 लाख महिलाओं के खाते में 18 हजार 100 करोड़ रूपये की राशि हस्तांरित कर दी गई है।
गौरतलब है कि अगले पांच वर्षों (2025-2030) में विकास की गति को और तेज करने के लिए 'सात निश्वय-3' का गठन किया गया है। इसके अंतर्गत अगले 5 वर्षों में पहले निश्चय 'दोगुना रोजगार-दोगुनी आय' के तहत राज्य की प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है तथा इसके लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत हर परिवार की एक महिला को 10 हजार रूपये तक की सहायता दी जा रही है।
राज्य सरकार द्वारा 26 सितम्बर से 28 नवम्बर 2025 तक कुल 5 चरणों में 1 करोड़ 58 लाख महिला लाभुकों के खाते में राशि हस्तांरित की गयी है। इसमें ग्रामीण क्षेत्र में 1 करोड़ 44 लाख एवं शहरी क्षेत्र में 12 लाख लाभुकों के खाते में राशि अंतरित हुई है। आज के इस कार्यक्रम में 25 लाख महिला लाभुकों को 10 हजार रुपये प्रति लामुक की दर से कुल 2500 करोड़ रूपये की राशि का अंतरण किया जा रहा है। इस प्रकार कुल एक करोड़ 81 लाख महिला लाभुकों को इस योजना का लाभ मिल जायेगा।




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