पटना में रिश्तेदार ने ही भाई-बहन को जिंदा जलाया; हत्या को हादसा बनाया, पुलिस बोली- जल्द गिरफ्तारी
पटना में घर में घुसकर भाई-बहन को जिंदा जलाने के मामले में पुलिस ने दावा किया है कि रिश्तेदार ने ही बच्चों की हत्या को अंजाम दिया है। और हादसा की शक्ल देने की कोशिश की है। आरोपी की पहचान हो गई है। 8 टीमों को लगाया गया है। जल्द आरोपी की गिरफ्तारी होगी।

पटना के जानीपुर थाना इलाके के नगमा गांव में सगे मासूम भाई अंश कुमार (12) और बहन अंजली कुमारी (16) को घर में जिंदा जलाकर मार डालने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। एसपी पूर्वी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपी की पहचान कर ली है, जल्द ही मामले का खुलासा करेगी। पुलिस ने बताया कि हत्या रिश्तेदार ने की है। घर के अंदर हमलावर घुसा और हत्या कर के बंद मौके से निकल गया। वो इस मर्डर को हादसा बताना चाहता था। उसका परिवार में आना जाना लगा रहता था। मामले की जांच के लिए 8 टीमें बनाई गई हैं। संदिग्ध व्यक्तियों को डिटेन भी किया गया है। 20 से 25 लोगों से पूछताछ हो चुकी है। पुलिस ने कहा कि आसपास के लोग इस मामले पर कुछ बोलना नहीं चाहते हैं।
जानकारी के मुताबिक कातिल ने उस कमरे के दरवाजे को बाहर से बंद कर दिया था जिसमें बच्चों को जलाकर मार डाला गया। वहीं घर के मुख्य दरवाजे को खुला छोड़ दिया गया। कातिल की मंशा थी कि बच्चे घर के बाहर भाग भी नहीं पाये। न ही उनकी चीखा किसी को सुनाई दे। यही कारण है कि आसपास के ग्रामीणों को भी इतनी बड़ी घटना की भनक तक नहीं लगी।
बच्चों की मां के घर पहुंचने के बाद वारदात का खुलासा हुआ तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया। अब पुलिस टीम उस हत्यारे को पकड़ने में जुटी हुई है जिसने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया है।
वारदात के समय बच्चों की मां शोभा देवी और उनके पिता निर्वाचन आयोग के अस्थायी कर्मी ललन गुप्ता ड्यूटी पर थे। इस नृशंस हत्या के बाद लोगों ने जानीपुर-फुलवारी मार्ग को ढाई घंटे तक जाम और टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। सिटी एसपी, पश्चिमी भानू प्रताप सिंह ने बताया कि प्रथमदृष्टया प्रतीत हो रहा है कि बच्चों को आग लगाकर मार डाला गया है। पुलिस सभी पहलुओं पर छानबीन कर रही है। नगमा गांव में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है




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