कोई अजनबी अपना फोन देकर मदद मांगे तो सावधान! खतरा और बिहार पुलिस की एडवाइजरी जान लें
ठगी के इस तरीके में सार्वजनिक स्थलों पर अनजान वृद्ध या महिला अपना फोन देकर कॉल नहीं लगने, फोन हैंग होने या दूसरी तकनीकी दिक्कत बताकर मदद मांगता है। इस दौरान उसके फोन में व्हाइस या वीडियो कॉल चल रही होती है, जिसमें आपकी आवाज और चेहरा रिकॉर्ड हो जाता है।

Cyber Fraud: अगर कोई अनजान व्यक्ति अपना फोन देकर मदद मांगता है, तो सावधान हो जाएं। साइबर ठग अब एआई तकनीक के जरिए आपकी आवाज और चेहरा रिकॉर्ड कर उसे ठगी का हथियार बना रहे हैं। साइबर ठग एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से अब लोगों के चेहरे और आवाज की नकल कर ठगी कर रहे हैं।
ठगी के इस तरीके में सार्वजनिक स्थलों पर अनजान वृद्ध या महिला अपना फोन देकर कॉल नहीं लगने, फोन हैंग होने या दूसरी तकनीकी दिक्कत बताकर मदद मांगता है। इस दौरान उसके फोन में व्हाइस या वीडियो कॉल चल रही होती है, जिसमें आपकी आवाज और चेहरा रिकॉर्ड हो जाता है। बाद में इसकी मदद से आपका फर्जी प्रोफाइल तैयार होता है, जिससे साइबर ठगी की जाती है। बिहार पुलिस ने ऐसे कई मामले प्रकाश में आने के बाद इस ठगी से बचाव को लेकर आम लोगों को सतर्क किया है।
फ्रॉड कॉल या डिजिटल वेरिफिकेशन में कर रहे इस्तेमाल
साइबर सुरक्षा इकाई से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक चेहरा और आवाज का इस्तेमाल कर एआई से फर्जी प्रोफाइल तैयार की जाती है। इस फर्जी प्रोफाइल का इस्तेमाल कर किसी को फ्रॉड कॉल किया जा सकता है। खास कर संबंधित व्यक्ति के नजदीकी संबंधियों को व्हाइस कॉल या वीडियो कॉल कर पैसे की डिमांड की जा सकती है। कई तरह की सरकारी व निजी सेवाओं में डिजिटल वेरिफिकेशन की सुविधा होती है। फर्जी प्रोफाइल की मदद से डिजिटल वेरिफिकेशन को बाइपास कर निजी खाते में सेंध लगाई जा सकती है। बिहार पुलिस ने सलाह दी है कि सार्वजनिक स्थल पर किसी भी अंजान व्यक्ति का फोन न चलाएं।
किसी भी अंजान वीडियो कॉल में कैमरे के सामने न आएं। डीपफेक फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए भी बिहार पुलिस की यह चेतावनी अहम है। हाल के दिनों में डीपफेक का इस्तेमाल कर कई चर्चित व्यक्तियों की गलत तस्वीर और वीडियो बनाकर प्रचारित-प्रसारित किया गया, जिससे उनके मान-सम्मान को ठेस पहुंची।
आवाज की नकल कर ठगी के मामले बढ़े
साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक एआई टूल्स के इस्तेमाल से रिकॉर्ड आवाज की नकल कर ठगी के मामले बढ़े हैं। साइबर वर्ल्ड में ऐसे कई टूल्स नि:शुल्क उपलब्ध हैं, जो सिर्फ 10-15 मिनट में रियल जैसा चेहरा या आवाज तैयार कर देते हैं। डीपफेक की पहचान कर उसका दुरुपयोग रोकने के लिए नये सॉफ्टवेयर विकसित हो रहे हैं, लेकिन जनता की सतर्कता सबसे बड़ा हथियार है।
बिहार पुलिस की अपील
● सार्वजनिक जगह पर अंजान का मोबाइल फोन इस्तेमाल करने से बचें
● अजनबी के फोन पर अपना फेस या वॉयस अनलॉक न करें
● सोशल मीडिया पर फोटो-वीडियो शेयर करने से पहले प्राइवेसी सेटिंग्स चेक करें
● अज्ञात नंबर से आपात परेशानी वाले कॉल पर आंख बंद कर भरोसा न करें
● फेक वीडियो कॉल की पहचान के लिए उसके लाइव मोशन को चेक करें
● www.cybercrime.gov.in पर ठगी का शिकार होने पर शिकायत करें




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