गेमिंग एप से साइबर ठगी का खेल, 5 गिरफ्तार; दुबई, नेपाल, श्रीलंका तक फैले नेटवर्क का खुलासा
आरोपितों के पास से 21 मोबाइल फोन, 8 सिम कार्ड, लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपित अलग-अलग तरीकों से लोगों से संपर्क करते थे। इसके बाद उन्हें धीरे-धीरे जुए की लत लगाकर बड़ी रकम ठगते थे।

Cyber Fraud: बिहार पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और गेमिंग एप के जरिए भारत, दुबई, श्रीलंका, नेपाल सहित कई देशों के लोगों से ठगी करने वाले पांच साइबर अपराधियों को दबोचा है। शातिर फर्जी प्लेटफॉर्म और लालच भरे ऑफर से लोगों को जाल में फंसाकर उनसे करोड़ों की ठगी कर चुके हैं। राज्य में साइबर ठगों का जाल बढ़ता ही जा रहा है। आजकल गैस सिलेंडर बुकिंग, गाड़ियों के चालान, बैंक स्टेटमेंट के नाम पर भी ठगी की जा रही है।
पुलिस ने आरोपितों के पास से 21 मोबाइल फोन, 8 सिम कार्ड, लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपित अलग-अलग तरीकों से लोगों से संपर्क करते थे। इसके बाद उन्हें धीरे-धीरे जुए की लत लगाकर बड़ी रकम ठगते थे। ये लोग फर्जी गेमिंग प्लेटफॉर्म तैयार कर निवेश और इनाम का झांसा देते थे।
सभी आरोपित विज्ञान से स्नातक
पुलिस ने बताया कि सभी शातिर शास्त्रीनगर थाने के शिवपुरी स्थित बी. राय रेसिडेंसी के फ्लैट संख्या 404 में रहकर गिरोह चलाते थे, जहां से उन्हें गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए सभी आरोपित विज्ञान से स्नातक हैं। गिरफ्तार आरोपितों में शशांक शेखर, रिशु कुमार (कागजी मोहल्ला, थाना ओबरा, जिला औरंगाबाद), मनीष कुमार उर्फ भुल्लन (महथु, थाना जम्होर, जिला औरंगाबाद), सूर्यदीप राज उर्फ रिशु कुमार (वीआईपी कॉलोनी, कोंच, थाना कोंच, जिला गया) और सचिन कुमार (खजुरी, थाना रोहतास, जिला रोहतास) शामिल हैं। सभी की उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच है।
पुलिस को मंगलवार को सूचना मिली थी कि गेमिंग एप से ठगी और जालसाजी का गिरोह संचालित हो रहा है। इसके बाद सेंट्रल एसपी पटना के निर्देश पर एसआईटी बनी। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सचिवालय-2 के नेतृत्व में विशेष टीम ने फ्लैट से पांचों आरोपितों को ऑनलाइन जुआ खेलाते गिरफ्तार किया। मौके से 21 मोबाइल , 8 सिम कार्ड, एक लैपटॉप, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड बरामद किए गए। जांच में बरामद मोबाइल में कई गेमिंग एप इंस्टॉल पाए गए।
जुआ खेलने का आदी बना ठगी कराता था गिरोह
सचिवालय एसडीपीओ-2 ने बताया कि गिरफ्तार सभी शातिर एक वर्ष से पटना में रहकर ठगी का काम कर रहे थे। उनका नेटवर्क देश-विदेश तक फैला हुआ था। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य कई लोगों की पहचान हो चुकी है। ग्राहकों की पहचान छुपाने के लिए उन्हें अलग-अलग कोड नेम दिए जाते थे। आरोपित पहले विभिन्न माध्यमों से लोगों से संपर्क करते थे, फिर उन्हें जुआ खेलने का आदी बनाते थे और बाद में उन्हें जाल में फंसाकर ठगी करते थे।




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