भागलपुर : सुल्तानगंज ईओ मर्डर केस में हिरासत में कपल, ठेका और वर्चस्व में हत्या की आशंका
सुल्तानगंज ईओ मर्डर केस: सुल्तानगंज में हुई घटना को लेकर कई बातें सामने आ रही हैं। अधिकारी अभी कारण स्पष्ट नहीं कर रहे हैं पर जो बात सामने आ रही है उससे यही पता चला है कि विभिन्न ठेका, अवैध वसूली और वर्चस्व को लेकर घटना को अंजाम दिया गया है।

सुल्तानगंज ईओ मर्डर केस: भागलपुर के सुल्तानगंज में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार के हत्याकांड में देर रात दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की सूचना पुलिस सूत्रों ने दी है। बताया गया कि पुलिस के आला अधिकारी सुल्तानगंज में हैं और हिरासत में लिए गए दंपती से पूछताछ कर रहे हैं। उधर, मृत ईओ की पत्नी मायागंज अस्पताल पहुंच गईं। अस्पताल में प्रशासन के बड़े अधिकारी रात दो बजे के बाद तक डटे थे। पटना से बताया गया कि रात एक बजे निजी अस्पताल में सभापति गुडड़ू का ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। डॉक्टर जान बचाने की जुगत में लगे हैं।
सुल्तानगंज में हुई घटना को लेकर कई बातें सामने आ रही हैं। अधिकारी अभी कारण स्पष्ट नहीं कर रहे हैं पर जो बात सामने आ रही है उससे यही पता चला है कि विभिन्न ठेका, अवैध वसूली और वर्चस्व को लेकर घटना को अंजाम दिया गया है। कुछ महीने बाद श्रावणी मेला भी शुरू होना है। मेला में ठेके पर वर्चस्व को लेकर भी अंदरूनी रूप से दोनों गुटों में तनाव था। इससे पहले भी वर्चस्व को लेकर घटनाएं होती रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध वसूली पर वर्चस्व को लेकर ही अपराधियों का भी दो गुट वहां सक्रिय है जिनमें एक गुट की कमान कुख्यात अपराधी कनबुच्चा संभालता है। कुछ जनप्रतिनिधि यह भी बता रहे हैं कि सुल्तानगंज का प्रभार मिलने के बाद कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार ने अवैध वसूली को लेकर कड़ाई कर दी थी। यह भी बताया जा रहा है कि सैरात बंदोबस्ती को लेकर भी दो गुटों में विवाद चल रहा था। बंदोबस्ती पाने में पिछड़ने पर घटना को अंजाम देने की बात भी सामने आ रही है
DM-SP क्या बोले
डीएम नवल किशोर चौधरी ने कहा कि नगर परिषद में अपराधियों के द्वारा कार्यपालक पदाधिकारी और परिषद के सभापति पर गोली चलाई गई। कार्यपालक पदाधिकारी की मौत हो गई जबकि सभापति के बेहतर इलाज कराने की व्यवस्था की गई है। पुलिस कार्रवाई कर रही है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि घटना के सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि अपराधियों ने सभापति पर गोली चलाई जिसके बाद कार्यपालक पदाधिकारी ने अपराधियों का विरोध किया और उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसमें उन्हें भी गोली मारी गई। दो अपराधियों की पहचान हो गई है। गिरफ्तारी को चार टीम का गठन किया गया है।




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